भोपाल। राजधानी भोपाल में शुक्रवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कहीं रिमझिम फुहारें पड़ रही हैं तो कहीं तेज बौछारों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। लगातार बारिश के बीच भोपाल और आसपास के इलाकों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार मध्यप्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर मध्यप्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
भोपाल में तेज बौछारों के साथ गरज-चमक का अलर्ट
राजधानी में शुक्रवार को मौसम लगातार बदला हुआ है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश तो कुछ हिस्सों में तेज बौछारें देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक भोपाल में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
ऐसे मौसम में बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहता है। इसलिए बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
रायसेन और सीहोर में भी बारिश का असर
भोपाल के साथ आसपास के जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। रायसेन और सीहोर में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इन क्षेत्रों में भी भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है।
नर्मदापुरम क्षेत्र में भी कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी पर नजर रखना जरूरी होगा।
बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल के बेहद करीब
लगातार बारिश के बीच राजधानी की सबसे बड़ी खबर भोपाल के बड़े तालाब को लेकर है। बड़ा तालाब पहले ही फुल टैंक लेवल यानी FTL के बेहद करीब पहुंच चुका है।
3 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार बड़े तालाब का जलस्तर FTL से महज करीब 0.30 फीट नीचे बताया गया था। अच्छी बारिश होने पर इसके पूर्ण जलस्तर तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी।
अब शुक्रवार को जारी बारिश के बीच तालाब के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। तालाब FTL तक पहुंचने के बाद भदभदा से पानी छोड़े जाने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लगातार बारिश होने पर शहर के जल निकासी और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति महत्वपूर्ण हो जाती है।
मध्यप्रदेश में सक्रिय है बारिश का सिस्टम
IMD के मुताबिक पूर्वोत्तर मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से 3 से 5 सितंबर तक प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
4 सितंबर को पश्चिमी और मध्य मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत भी सामने आए हैं। भोपाल सहित कई जिलों में तेज बारिश की संभावना के बीच प्रशासन और लोगों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत है।
अगले कुछ दिन भी बारिश से राहत के आसार कम
राजधानी भोपाल में शुक्रवार की बारिश के बाद भी मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। उपलब्ध पूर्वानुमान में शनिवार और रविवार को भी बारिश के दौर की संभावना बनी हुई है।
ऐसे में शहरवासियों को आने-जाने के दौरान सावधानी बरतनी होगी। तेज बारिश के समय सड़कों पर पानी भरने, दृश्यता कम होने और पेड़ों की शाखाएं गिरने जैसी स्थिति से परेशानी हो सकती है।
बिजली और तेज हवाओं को लेकर रहें सावधान
बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान होने के कारण विशेष सावधानी जरूरी है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, छत, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले स्थान पर खड़े होने से बचना चाहिए।
मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा टालना और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।
भोपाल में बारिश ने फिर बढ़ाई हलचल
फिलहाल राजधानी में बारिश का दौर जारी है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट और मौसम सुहाना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बड़े तालाब के बढ़ते जलस्तर और तेज बारिश की संभावना ने प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी है।
आने वाले घंटों में बारिश की तीव्रता पर सभी की नजर रहेगी। यदि तेज बारिश का दौर जारी रहता है तो भोपाल के बड़े तालाब समेत आसपास के जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
विदिशा भारती की अपील: मौसम खराब होने पर सावधानी बरतें, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
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