भोपाल: झपट्टा मार गैंग और मोबाइल लूट की घटनाएं राजधानी में अक्सर चर्चा का विषय रहती हैं, लेकिन इस बार पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने होश उड़ा दिए हैं। भोपाल का कुख्यात 'ईरानी डेरा' एक बार फिर सुर्खियों में है। पुलिस की जांच में पता चला है कि यह महज सड़क छाप लूट नहीं, बल्कि एक बेहद व्यवस्थित 'इंटरनेशनल सिंडिकेट' है, जिसका तार भोपाल से लेकर बांग्लादेश और नेपाल तक जुड़े हैं।
अमन कॉलोनी से संचालित हो रहा था नेटवर्क
अयोध्या नगर थाना पुलिस ने हाल ही में लूट के मोबाइल का नेटवर्क चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल का केंद्र बिंदु 'अमन कॉलोनी' का ईरानी डेरा था। यह इलाका लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों के लिए पुलिस की रडार पर रहा है। पकड़े गए चार शातिर लुटेरों ने पूछताछ में जो राज उगले, उन्होंने पुलिस के भी कान खड़े कर दिए हैं।
आरोपियों ने बताया कि उनका नेटवर्क बागसेवनिया, गोविंदपुरा, पिपलानी और अयोध्या नगर जैसे पॉश इलाकों में पूरी तरह सक्रिय था। ये गुर्गे दिन के उजाले में लोगों के हाथ से मोबाइल झपटते और देखते ही देखते गायब हो जाते थे।
3 हजार में सौदा, सरहद पार मोबाइल
पूछताछ में आरोपियों ने इस सिंडिकेट के 'मास्टरमाइंड' के रूप में सबदर ईरानी का नाम लिया है। सबदर का काम बेहद शातिर था। वह इन लुटेरों से लूटे गए मोबाइल महज 3 से 4 हजार रुपये में खरीद लेता था। इसके बाद, सबदर इन मोबाइल्स को मुंबई के रास्ते सीधे बांग्लादेश और नेपाल के बाजारों में खपा देता था। एक झपटा गया मोबाइल कैसे चंद घंटों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर लेता है, यह इस गैंग की कार्यप्रणाली की भयावह सच्चाई है।
मासूम चेहरों का इस्तेमाल
सबदर ईरानी ने अपराध की दुनिया में एक अनोखा मॉडल अपनाया है। वह अपनी गैंग में उन लड़कों को शामिल करता है, जिन पर पुलिस को कभी शक न हो। वह कबाड़खाना जैसे इलाकों में जाकर जरूरतमंद और कम उम्र के लड़कों को अपना निशाना बनाता है। उन्हें थोड़े पैसों का लालच देकर अपराध की दलदल में धकेल दिया जाता है। चूंकि ये चेहरे नए होते हैं, इसलिए सीसीटीवी कैमरों और पुलिस की नजरों से बच निकलना इनके लिए आसान होता है।
मास्टरमाइंड की तलाश में खाकी की दौड़
बीते दिनों अयोध्या नगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के चार सदस्यों को दबोचा और उनके पास से 22 मोबाइल व 4 चोरी की बाइक बरामद की। लेकिन, मास्टरमाइंड सबदर ईरानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। दिसंबर में ईरानी डेरे पर पुलिस की दबिश के बाद से ही वह फरार चल रहा है।
सबदर के खिलाफ पहले से ही लूट, चोरी और छिनैती के 20 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जिस दिन सबदर और उसका सहयोगी शाहरुख हत्थे चढ़ेंगे, उस दिन मोबाइल लूट के इस इंटरनेशनल सिंडिकेट की कई और परतें खुलेंगी। फिलहाल, पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
क्या आपकी सुरक्षा खतरे में है?
शहर के व्यस्त इलाकों में मोबाइल इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। यह गैंग भीड़ का फायदा उठाती है। अगर आप किसी संदिग्ध गतिविधि को देखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। भोपाल पुलिस के अनुसार, सबदर की गिरफ्तारी ही इस सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए पर्याप्त होगी।
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