सिंगरौली: मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। चितरंगी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-39 किनारे बोल्डरों के पीछे मिली एक युवक की रक्तरंजित लाश ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। जिस मामले को पुलिस शुरुआती दौर में एक सामान्य हत्या का केस मानकर चल रही थी, उसके खुलासे ने सबको चौंका दिया। हत्या के तार किसी अनजान दुश्मन से नहीं, बल्कि घर के ही चिराग यानी मृतक की पत्नी से जुड़े निकले।
शादी में जाने निकला था, मौत के जाल में फंसा
मृतक की पहचान 38 वर्षीय रघुनाथ उर्फ सरजू खैरवार के रूप में हुई थी, जो ग्राम भर्रा का रहने वाला था। 19 जून को रघुनाथ गांव में ही आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वह फिर कभी वापस नहीं लौटा। दो दिन बाद, 21 जून को जब ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे किनारे बोल्डरों के पीछे उसकी क्षत-विक्षत लाश देखी, तो पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। पुलिस ने जब शव का पोस्टमार्टम कराया, तो हत्या की पुष्टि हुई और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस का शक और पत्नी के बदले बयान
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिंगरौली एसपी षियाज के.एम. के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जब मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि रघुनाथ शराब का आदी था और अक्सर पत्नी रामकली के साथ मारपीट किया करता था। इसी कड़ी को आधार बनाकर पुलिस ने रामकली से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान रामकली के बार-बार बदलते बयानों ने पुलिस का शक यकीन में बदल दिया।
एक साल पुराना इश्क और 'कातिल' साजिश
पूछताछ में रामकली ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि एक साल पहले मायके जाने के दौरान उसकी मुलाकात माड़ा थाना क्षेत्र के मलगा गांव निवासी नीरज कुमार शाह से हुई थी। धीरे-धीरे यह मुलाकात प्यार में बदल गई और दोनों के बीच फोन पर लंबी बातें होने लगीं। पति की प्रताड़ना से तंग आकर रामकली ने नीरज से उसे 'रास्ते से हटाने' की बात कही।
मौत का खौफनाक प्लान
साजिश के तहत, जिस दिन रघुनाथ शादी में जाने निकला, नीरज अपने साथी सूरज सिंह गोड के साथ पहले से घात लगाए बैठा था। दोनों ने रघुनाथ को शराब पिलाने के बहाने हाईवे किनारे सुनसान जगह पर बुलाया। वहां जमकर मारपीट करने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को बोल्डरों के पीछे छिपाकर फरार हो गए। वारदात के तुरंत बाद नीरज ने अपनी प्रेमिका रामकली को फोन कर 'काम हो जाने' की सूचना दी।
72 घंटे में बेनकाब हुए कातिल
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया और 25 जून को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मोबाइल और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मंसूबों को मात्र 72 घंटे में ही ध्वस्त कर दिया। फिलहाल, तीनों आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं और कानून का सामना कर रहे हैं।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *