नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर को लेकर सामने आए 5 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रणजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि एक रेप केस को दबाने या रफा-दफा करने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को भेजा नोटिस
NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। आयोग ने 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। शिकायत में आरोपों की निष्पक्ष जांच के साथ संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।
मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण NHRC की कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पूर्व जज जस्टिस रणजीत सिंह ने लगाए आरोप
मामले की शुरुआत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रणजीत सिंह की शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भगवंत मान की पत्नी से जुड़े तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग का मामला सामने आया और इसका उद्देश्य रेप केस को दबाना था। NHRC ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पंजाब सरकार और पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी है।
गुरप्रीत कौर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
उधर, डॉ. गुरप्रीत कौर ने आरोपों को खारिज किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने जस्टिस रणजीत सिंह को कानूनी नोटिस भी भेजा है। गुरप्रीत कौर ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
इससे मामला अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी प्रक्रिया की दिशा में भी बढ़ गया है।
NHRC की जांच के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल NHRC के निर्देश के बाद पंजाब सरकार और पुलिस को मामले की जांच कर रिपोर्ट देनी है। जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों की भूमिका अहम होगी।
गौरतलब है कि 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप अभी आरोप के स्तर पर है। किसी न्यायिक या जांच एजेंसी की ओर से आरोपों को सत्य घोषित नहीं किया गया है। पंजाब सरकार की ओर से मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
मामला क्यों है अहम?
मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े व्यक्ति पर लगे इस गंभीर आरोप और NHRC की कार्रवाई ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। एक ओर शिकायतकर्ता पूर्व जज हैं, दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कदम उठाया है। अब पंजाब सरकार की जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई से मामले की दिशा स्पष्ट होगी।
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