दतिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के खेत, खलिहान और घर-आंगन में समृद्धि लाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। बलराम कृषि महोत्सव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दतिया जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान महाकाल से प्रदेश के किसानों की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर किसान के घर और भंडार अन्न से भरे रहें तथा परिवारों में समृद्धि आए, यही सरकार की प्राथमिकता है।
दतिया के गुड़ को मिली अलग पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दतिया जिला दो प्रमुख पहचान के लिए जाना जाता है। इनमें पीतांबरा माई का प्रसाद और दतिया का गुड़ प्रमुख हैं। दतिया का गुड़ एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश के किसानों की पहचान देशभर में बने और उनकी कृषि उपज को बेहतर बाजार मिले।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ है। आने वाले समय में गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
धान उत्पादन में हुई बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया सहित प्रदेश के किसान खेती के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। दतिया में धान की पैदावार 32 क्विंटल से बढ़कर 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। मूंगफली और गेहूं का रकबा भी बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गेहूं और चने की फसल के लिए किसानों को रात के साथ दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। खाद और बीज के लिए लिए जाने वाले कृषि ऋण को जून-जुलाई में शून्य प्रतिशत ब्याज पर जमा करने की सुविधा भी किसानों को मिलेगी। सरकार ने किसानों के हित में 31 मार्च तक ऋण चुकाने की अनिवार्यता समाप्त की है।
जमीन नहीं बेचने की किसानों से अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती आने वाले समय में लाभकारी व्यवसाय का रूप लेगी। इसलिए किसानों को अपनी कृषि भूमि बेचने से बचना चाहिए।
उन्होंने किसानों से बच्चों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की अपील की। साथ ही विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने की बात कही।
कृषि के साथ पशुपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी को बढ़ावा दे रही है। मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के माध्यम से गौपालन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजना के तहत 5 हजार निराश्रित गौवंश रखने की व्यवस्था की जाएगी।
युवा किसान से मुख्यमंत्री ने किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया जिले के ग्राम बड़ेरा निवासी युवा किसान हरिमोहन राजपूत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे हरिमोहन ने मुख्यमंत्री को अपनी खेती के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने गन्ने की फसल लगाई है और उत्पादन अच्छा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अन्य किसानों से भी संवाद किया। इस अवसर पर जिले के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
16 स्टॉल में आधुनिक कृषि तकनीक का प्रदर्शन
बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्र और खेती की नई पद्धतियों की जानकारी देने के लिए कृषि प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में करीब 16 स्टॉल लगाए गए।
किसानों को रीपर कम बाइंडर, डीएसआर मशीन, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, स्ट्रॉ रीपर, थ्रेशर, लेजर लैंड लेवलर, सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल, रोटोकल्टीवेटर, रोटावेटर, पावर स्प्रेयर और प्लाऊ सहित आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने किसानों को कृषि यंत्रों की उपयोगिता, संचालन और खेती में उनके प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी। उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और आत्मा परियोजना ने भी स्टॉल लगाए। यहां प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, उन्नत कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी बलराम कृषि महोत्सव कपिल यार्दे, मेघसिंह गुर्जर, विधायक दतिया घनश्याम सिंह, जिला पंचायत कृषि स्थायी समिति अध्यक्ष रामनरेश यादव, प्रशांत ढेंगुला, बृजेश यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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