विदिशा भारती डेस्क | विदिशा
विदिशा के ग्राम सोराई में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को राजस्थान सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी रिश्ते में भाई बताए जा रहे हैं, जो वारदात को अंजाम देकर मध्य प्रदेश से भागने की फिराक में थे।
जानिए क्या है पूरा मामला?
घटना 18 जुलाई की है, जब मेडिकल कॉलेज विदिशा से पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम सोराई निवासी मालम सिंह राजपूत की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मामला संदिग्ध लगने पर कोतवाली पुलिस ने तुरंत जांच की कमान संभाली।
जांच के दौरान जो परतें खुलीं, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक खौफनाक वारदात थी। सोराई गांव के ही रहने वाले दो आरोपी—प्रेम सिंह राजपूत और संजू सिंह राजपूत ने मिलकर मालम सिंह पर जानलेवा हमला किया था, जिससे उनकी जान चली गई।
पुलिस ने बिना समय गंवाए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 449/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 296(B) और 3(5) के तहत संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई।
राजस्थान बॉर्डर से ऐसे हत्थे चढ़े आरोपी
मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने साइबर सेल, तकनीकी सर्विलांस और अपने मजबूत मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया।
जैसी ही पुलिस को लोकेशन का सुराग मिला, टीम ने जाल बिछाया। आरोपी राजस्थान की सीमा पार कर छिपने की फिराक में थे, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने उन्हें सीमा पर ही चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी:
प्रेम सिंह राजपूत (उम्र 46 वर्ष), पिता- भगवान सिंह, निवासी ग्राम सोराई, जिला विदिशा।
संजू सिंह राजपूत (उम्र 42 वर्ष), पिता- भगवान सिंह, निवासी ग्राम सोराई, जिला विदिशा।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या की असली वजह का पूरा खुलासा हो सके।
पुलिस टीम की सतर्कता से मिली सफलता
24 घंटे के भीतर इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने और फरार आरोपियों को दबोचने में विदिशा कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक आनंद राज, उप निरीक्षक ऋतुराज सिंह (थाना प्रभारी पठारी), उप निरीक्षक राजेश मिश्रा (चौकी प्रभारी खामखेड़ा), उप निरीक्षक इंदर सिंह (चौकी प्रभारी ढोलखेड़ी) और साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक गौरव रघुवंशी की मुख्य भूमिका रही।
इसके साथ ही एएसआई अरविंद बंसल, प्रधान आरक्षक उत्तम सिंह, अशोक मीणा, आरक्षक चन्द्रहास मालवीय, पंकज त्यागी, सोनू राजपूत, राघवेन्द्र सिकरवार, भगवान सिंह और साइबर सेल के आरक्षक रूपेश का इस तेजतर्रार ऑपरेशन में विशेष योगदान रहा।
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