स्थानीय संपादक वसीम कुरेशी रायसेन:
सांची पुलिस ने एक बेहद शातिराना चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए भोपाल के एक कुख्यात गैंग को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। निर्माणाधीन 'मधुरम होटल' को निशाना बनाकर लाखों रुपये के बिजली के तार उड़ाने वाले चार शातिर चोर अब पुलिस की सलाखों के पीछे हैं। इस हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा करने के लिए पुलिस को विदिशा से लेकर भोपाल और सांची तक फैले करीब 300 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालने पड़े। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की मुस्तैदी के आगे चोरों की चालाकी धरी की धरी रह गई।
रात के अंधेरे में 'मधुरम होटल' पर धावा
मामला इस महीने की शुरुआत का है। विदिशा निवासी फरियादी अभिषेक महेश्वरी (पिता महेशचंद्र महेश्वरी) ने सांची थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2 और 3 जुलाई 2026 की दरमियानी रात को अज्ञात चोरों ने उनकी निर्माणाधीन 'मधुरम होटल' के स्टोर रूम को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी ही सफाई से स्टोर रूम का ताला तोड़कर वहां रखे नामी 'हेवल्स कंपनी' के तांबे के बिजली के तारों के पूरे 134 बंडल पार कर दिए।
इतनी बड़ी तादाद में माल गायब होने से इलाके में हड़कंप मच गया था। अभिषेक की शिकायत पर सांची पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 145/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
300 कैमरों का जाल और पुलिस का बिछा चक्रव्यूह
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के मार्गदर्शन और एसडीओपी (SDOP) के कुशल निर्देशन में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वारदात रात के अंधेरे में हुई थी और चोरों का कोई सुराग नहीं था।
लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। टीम ने विदिशा, भोपाल, सांची और इसके आस-पास के हाईवे व प्रमुख चौराहों पर लगे लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगालना शुरू किया। दिन-रात की कड़ी मशक्कत और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल की मदद) के आधार पर आखिरकार पुलिस की नजर एक संदिग्ध ऑटो और मोटरसाइकिल पर टिक गई।
भोपाल की 'नई बस्ती' से दबोचे गए 4 शातिर आरोपी
सुराग मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की और भोपाल के गांधीनगर (अंबेडकर नगर) इलाके में दबिश देकर चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों के नाम और विवरण इस प्रकार हैं:
अभय सिंह पिता छक्कू सिंह (उम्र 22 वर्ष), निवासी: गांधीनगर नई बस्ती, भोपाल (जाति: पारदी)
गौरव ठाकरे पिता बाविया ठाकरे (उम्र 18 वर्ष), निवासी: गांधी नगर नई बस्ती, गली नंबर 03, भोपाल (जाति: मराठे)
प्रकाश पिता राजू मराठी (उम्र 23 वर्ष), निवासी: गांधीनगर नई बस्ती, अंबेडकर नगर, भोपाल
चन्द्रराज पिता लक्ष्मी नारायण (उम्र 50 साल), निवासी: अंबेडकर नगर वार्ड नंबर 01, भोपाल (जाति: पारदी)
कबूलनामा: पुलिस रिमांड के दौरान जब इन चारों से कड़ी पूछताछ की गई, तो इन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे चोरी के माल को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। उन्होंने कुछ तारों को जलाकर उसका तांबा बेच दिया था, जबकि कुछ माल छिपाकर रखा था।
6 लाख से ज्यादा का मशरुका बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर न केवल चोरी का माल बरामद किया, बल्कि वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी जब्त कर लिया। पुलिस द्वारा बरामद की गई कुल संपत्ति (मशरुका) इस प्रकार है:
साबुत हेवल्स वायर: 35 बंडल (कीमत लगभग 1,31,000 रुपये)
जला हुआ तांबे का तार: 10 किलोग्राम (कीमत लगभग 20,000 रुपये)
नकद राशि: 49,000 रुपये
वारदात में प्रयुक्त ऑटो: कीमत लगभग 4,00,000 रुपये
वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल: कीमत लगभग 60,000 रुपये
कुल जब्ती: करीब 6 लाख 60 हजार रुपये मूल्य का सामान।
चोरी के इस नए तरीके और माल को खुर्द-बुर्द करने के प्रयास को देखते हुए पुलिस ने मामले में धारा 331 (4), 305 (ए), और 317 (2) बीएनएस (BNS) का इजाफा किया है। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस बड़ी कामयाबी के पीछे सांची पुलिस टीम की दिन-रात की मेहनत है। इस सराहनीय कार्रवाई में मुख्य रूप से शामिल रहे:
निरीक्षक आर. बी. शर्मा, सउनि चंद्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज सेन (06), प्रधान आरक्षक गणेशराम (297), प्रधान आरक्षक ध्रुव सिंह (167), प्रधान आरक्षक सुरेश गोहे (602), प्रधान आरक्षक रामकरण शर्मा (453), आरक्षक सौरभ रघुवंशी (366), आरक्षक देवेन्द्र अहिरवार (781), आरक्षक योगेश रघुवंशी (190), महिला आरक्षक निधि तिवारी (803) और महिला आरक्षक शिवानी रघुवंशी। विदिशा भारती टीम इन सभी पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी को सलाम करती है।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *