वसीम कुरेशी स्थानीय संपादक (रायसेन)।
कहते हैं कि राजनीति में जब रसूख का चोला ओढ़कर अवैध धंधों को अंजाम दिया जाता है, तो कानून का शिकंजा कसने में देर नहीं लगती। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सिलवानी से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके के सियासी गलियारों में भारी भूचाल ला दिया है। जो जनप्रतिनिधि कल तक मंचों से जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास की कसमें खाते नहीं थकते थे, उनका असली चेहरा रात के अंधेरे में तब बेनकाब हो गया जब वे अवैध शराब की बड़ी तस्करी करते हुए पकड़े गए।
यह पूरा मामला गैरतगंज जनपद के वार्ड नंबर 5, समनापुर कलां का है, जहाँ के जनपद सदस्य संजू कलावत का असली धंधा अब जनता के सामने आ चुका है। पुलिस ने उन्हें भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
रात के अंधेरे में 'विकास' की जगह दौड़ रही थी शराब से भरी गाड़ी!
यह पूरा घटनाक्रम 17-18 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात का है। जब आम जनता चैन की नींद सो रही थी, तब जनप्रतिनिधि की शह पर तस्करी का एक बड़ा खेल खेला जा रहा था। सिलवानी पुलिस को मुखबिर से एकदम सटीक सूचना मिली कि बम्होरी की तरफ से गैरतगंज की ओर एक बोलेरो पिकअप वाहन (MP 09 GJ 0664) में अवैध शराब की एक बहुत बड़ी खेप ठिकाने लगाने के लिए ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही सिलवानी पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने फौरन रणनीति बनाई और सिलवानी के बजंरग चौराहा के पास तगड़ी घेराबंदी कर दी। जैसे ही संदेहास्पद पिकअप वाहन चौराहे के करीब पहुँचा, पुलिस टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर रुकवा लिया। जब वाहन के पीछे का हिस्सा खोलकर तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम दंग रह गई।
जब्ती का पूरा ब्यौरा:
अवैध शराब: 82 पेटी (देशी और अंग्रेजी शराब)
कुल मात्रा: 735 लीटर शराब
बाजार मूल्य: लगभग 4 लाख 17 हजार रुपये
जब्त वाहन: 6 लाख रुपये की बोलेरो पिकअप
पुलिस के जाल में फंसे नेताजी, सारा रसूख धरा का धरा रह गया
इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने किसी आम तस्कर को नहीं, बल्कि खुद को जनता का सेवक बताने वाले नेताजी को दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों में गैरतगंज के वार्ड नंबर 5 के जनपद सदस्य संजू कलावत (उम्र 28 वर्ष), पिता सुरेश कलावत और उनके खास साथी सोनू यादव (उम्र 33 वर्ष), पिता राजू यादव शामिल हैं। ये दोनों ही आरोपी ग्राम समनापुर कलां, थाना गैरतगंज के निवासी हैं।
सिलवानी पुलिस ने बिना किसी राजनीतिक दबाव या प्रभाव में आए दोनों ही आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की विवेचना शुरू कर दी है। अब इन दोनों को हवालात की हवा खानी पड़ रही है।
जांबाज पुलिस टीम ने दिखाया 'सिंघम' अवतार
रायसेन पुलिस की इस धाकड़ और निष्पक्ष कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। पुलिस अधीक्षक रायसेन आशुतोष गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक के कुशल मार्गदर्शन व एसडीओपी सिलवानी कुंवर सिंह मुकाती के नेतृत्व में इस पूरे गुप्त ऑपरेशन को सफलता से अंजाम दिया गया।
इस बड़ी कामयाबी का मुख्य श्रेय थाना प्रभारी निरीक्षक संजीत परते और उनकी सक्रिय टीम को जाता है। इस पूरी घेराबंदी और धरपकड़ में उप निरीक्षक अभिषेक खरे, सहायक उप निरीक्षक हरिऔम चौबे, भोजपाल शर्मा, प्रधान आरक्षक विनोद रघुवंशी, शैलेन्द्र सिंह, आरक्षक विक्रम सिंह, अमित भार्गव, रजनीकांत कुर्मी, विनय कुमार, अंकित खटीक, और सैनिक अजय राजपूत व लखन ठाकुर की बेहद सराहनीय और जांबाज भूमिका रही।
स्पष्ट संदेश: कानून के आगे कोई 'माननीय' नहीं
सिलवानी पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने अपराधियों और रसूखदारों को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कानून के सामने पद, प्रतिष्ठा और राजनीतिक रसूख कोई मायने नहीं रखता। जो कोई भी गैरकानूनी काम करेगा, वह बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, जनता को शराब की सप्लाई करने निकले नेताजी और उनके साथी अब सलाखों के पीछे बंद हैं और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने की अपनी अगली रणनीति तैयार कर रहे हैं।
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