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सीधी में चुरहट कंकाल कांड का सनसनीखेज खुलासा

20-07-2026  Baby jain  4 views
सीधी में चुरहट कंकाल कांड का सनसनीखेज खुलासा

विदिशा भारती डेस्क | सीधी समाचार

मध्य प्रदेश के सीधी जिले से दिल दहला देने वाले 'चुरहट कंकाल कांड' का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जिसे कभी केवल एक गुमनाम जंगल की झाड़ियों में मिला नरकंकाल समझा जा रहा था, वह दरअसल एक दर्दनाक और सोची-समझी हत्या का नतीजा निकला। प्यार, शादी का दबाव, विवाद और फिर खौफनाक अंत... इस वारदात के पीछे की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के मार्गदर्शन में चुरहट थाना पुलिस ने मामले की परतें उघाड़ते हुए कातिल प्रेमी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

जंगल में मिला था मानव कंकाल, डीएनए से खुला राज

घटना की शुरुआत 30 जून 2026 को हुई, जब चुरहट थाना क्षेत्र के ग्राम कोष्टा पवाई के घने जंगलों में चरवाहों और ग्रामीणों ने एक अज्ञात मानव कंकाल देखा। सन्नाटे में फैली बदबू और कंकाल को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना चुरहट पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया। पीएम रिपोर्ट और शुरुआती जांच से ही पुलिस को अंदेशा हो गया था कि यह स्वाभाविक मौत नहीं बल्कि हत्या है। इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मृतका के माता-पिता द्वारा कपड़ों व पहचान चिह्नों और बाद में डीएनए परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर कंकाल की शिनाख्त ग्राम मवई निवासी 19 वर्षीय प्रियंका साकेत के रूप में हुई।

10 हजार का इनाम, व्हाट्सऐप का फर्जी मैसेज और पुलिस की धरपकड़

अज्ञात कातिल तक पहुंचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था। सीधी पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की जानकारी देने वाले के लिए 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की।

निरीक्षक रीता त्रिपाठी और चुरहट थाना पुलिस टीम ने साइबर सेल और अपने भरोसेमंद मुखबिर तंत्र को अलर्ट किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा—ग्राम चिलरी कला (थाना कमर्जी) निवासी 20 वर्षीय युवक पवन कारपेन्टर का।

पुलिस ने जब पवन को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने शुरुआत में मनगढ़ंत कहानियां बनाकर पुलिस को भटकाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, जब उसके सामने साइबर सबूत और पुलिस की कड़ी पूछताछ का चक्रव्यूह आया, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

कॉलेज में शुरू हुआ प्यार, अलग जाति बनी दीवार

आरोपी पवन ने पूछताछ में बताया कि उसकी और मृतका की मुलाकात साल 2024 में कॉलेज के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और 2025 से दोनों के बीच गहरा प्रेम संबंध था।

जैसे-जैसे समय बीता, प्रियंका शादी का दबाव बनाने लगी। लेकिन पवन अलग जाति का हवाला देकर शादी से बचता रहा। 24 जून 2026 को पवन ने प्रियंका को चुरहट मिलने बुलाया। दोनों बात करते-करते कोष्टा पवाई के जंगल की ओर चले गए।

वहां एक बार फिर शादी को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि प्रियंका ने खुद को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी। इसी कहासुनी के दौरान गुस्से में आकर पवन ने पास में पड़ा एक भारी पत्थर उठाया और प्रियंका के सिर के पीछे तथा कान के पास ताबड़तोड़ वार कर दिए। प्रियंका वहीं खून से लथपथ होकर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

नरकुई नदी में फेंका फोन, साक्ष्य मिटाने की रची साजिश

हत्या करने के बाद आरोपी ने मामले को गुमराह करने का मास्टरप्लान बनाया। उसने मृतका का मोबाइल बंद करने से पहले उसके व्हाट्सऐप से उसकी बहन को एक भ्रामक मैसेज भेजा ताकि परिवार वाले यह समझें कि वह कहीं चली गई है। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल को तोड़कर नरकुई नदी के बहाव में फेंक दिया और खुद सामान्य बनकर घर लौट आया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण में साक्ष्य छिपाने की धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी अधिनियम के तहत भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सफल खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को पुरस्कृत करने का ऐलान किया है।


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