दतिया। सरकारी आवासों पर लंबे समय से जमे कब्जेदारों के खिलाफ दतिया प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को राजघाट कॉलोनी में प्रशासनिक अमले ने पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच शासकीय क्वार्टर खाली कराने की कार्रवाई शुरू की। सुबह से ही कॉलोनी में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की आवाजाही बनी रही। कार्रवाई के दौरान कई बंद पड़े सरकारी क्वार्टरों के ताले तोड़कर प्रशासन ने आवासों को अपने कब्जे में लिया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से राजघाट कॉलोनी में दिनभर हलचल बनी रही। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने पहले ही कब्जेदारों को सरकारी आवास खाली करने के लिए समय दिया था। इसके बाद भी आवास खाली नहीं होने पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सीधे कार्रवाई शुरू कर दी।
राजघाट कॉलोनी में सुबह से प्रशासन का डेरा
राजघाट कॉलोनी में कार्रवाई का नेतृत्व एसडीएम सोनाली राजपूत, तहसीलदार अजय झा और एसडीओपी पीसी यादव ने किया। अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ कॉलोनी पहुंची और सरकारी आवासों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद एक-एक कर ऐसे क्वार्टरों को चिन्हित किया गया, जिन पर लंबे समय से कब्जा बताया जा रहा था।
प्रशासन ने कब्जेदारों को मकान खाली करने के लिए दो घंटे का समय दिया था। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तय समय सीमा के भीतर आवास खाली किए जाएं। कुछ लोगों ने अपनी ओर से कारण और सफाई देने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई में रियायत नहीं दी।
एक दर्जन से अधिक सरकारी आवासों पर कार्रवाई
राजघाट कॉलोनी में करीब एक दर्जन से अधिक शासकीय आवास खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है। इनमें कई ऐसे क्वार्टर भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से बंद पड़े थे। प्रशासनिक टीम ने बंद मकानों के ताले खुलवाए और मौके पर मौजूद अधिकारियों की निगरानी में सामान तथा आवास की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया।
कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी संपत्ति को कब्जे से मुक्त कराना बताया जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से सरकारी आवासों पर कब्जे को लेकर चल रही शिकायतों पर भी चर्चा तेज हो गई है।
100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। मौके पर करीब 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। पुलिसकर्मी सुरक्षा उपकरणों के साथ मुस्तैद रहे। बॉडीगार्ड, हेलमेट और वज्र तथा योद्धा जैसे पुलिस वाहन भी मौके पर तैनात किए गए।
प्रशासन और पुलिस की भारी मौजूदगी के कारण कार्रवाई के दौरान किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी। अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई को निगरानी में रखा और सरकारी आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
पूर्व जनपद सदस्य के आवास पर भी पहुंची टीम
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम पूर्व जनपद सदस्य क्रांति राय के आवास पर भी पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्रांति राय को पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का करीबी माना जाता है। उनके आवास पर कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और क्रांति राय के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति भी बनी।
मौके पर अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई। आवास में मौजूद सामान की सूची तैयार की गई। इसके बाद सरकारी आवास को खाली कराने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
सरकारी संपत्ति पर कब्जे को लेकर सख्त संदेश
दतिया प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी आवासों पर अवैध या अनधिकृत कब्जे के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी क्वार्टर कर्मचारियों और पात्र हितग्राहियों के उपयोग के लिए आवंटित किए जाते हैं। लंबे समय तक आवास खाली नहीं होने पर पात्र लोगों को आवास मिलने में परेशानी होती है।
राजघाट कॉलोनी में हुई कार्रवाई के बाद अब ऐसे अन्य सरकारी आवासों पर भी प्रशासन की नजर रहने की संभावना है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी संपत्ति पर अनधिकृत कब्जे को लेकर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
कार्रवाई से बढ़ी प्रशासनिक सख्ती की चर्चा
दतिया में सरकारी आवासों को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सख्ती की चर्चा बढ़ा दी है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सरकारी संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रशासन अब मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रहा है।
राजघाट कॉलोनी में हुई कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने आवासों की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया और कब्जे में लिए गए सरकारी क्वार्टरों की प्रक्रिया पूरी की। आगे प्रशासन इन आवासों का आवंटन पात्र लोगों को करने की दिशा में कदम उठा सकता है।
विदिशा भारती डिजिटल की नजर में दतिया की यह कार्रवाई सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल और अनधिकृत कब्जे से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज और प्रशासनिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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