सिरोंज। विदिशा जिले के सिरोंज कृषि मंडी में सरकारी गेहूं के संदिग्ध परिवहन को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की है। एसडीएम ने उमेश ट्रेडिंग कंपनी के यहां एक ट्रक से दूसरे ट्रक में पलटी किए जा रहे 580 बोरी गेहूं को जब्त किया है। कार्रवाई के बाद जब्त गेहूं और ट्रक को एसडीएम कार्यालय लाया गया। मामले में दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है।
ट्रक से दूसरे ट्रक में पलटा जा रहा था गेहूं
प्रशासन को कृषि मंडी में गेहूं के स्टॉक से संबंधित जानकारी मिली थी। इसके बाद एसडीएम की टीम ने उमेश ट्रेडिंग कंपनी के यहां जांच की। मौके पर एक ट्रक से दूसरे ट्रक में गेहूं की बोरियां पलटी की जा रही थीं।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद गेहूं के स्टॉक की जांच की। गिनती के दौरान 580 बोरी गेहूं सामने आया। प्रशासन ने गेहूं को तत्काल जब्त कर लिया और संबंधित ट्रक को भी कार्रवाई के दायरे में लिया।
जब्त गेहूं और ट्रक को एसडीएम कार्यालय लाया गया है। अब प्रशासन गेहूं के दस्तावेजों और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
वर्ष 2022-23 के सरकारी स्टॉक का बताया जा रहा गेहूं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जब्त गेहूं शमशाबाद की भगवानपुर सोसायटी के वर्ष 2022-23 के स्टॉक से संबंधित बताया जा रहा है।
मामले की जांच के दौरान नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। गेहूं की बोरियों की जांच की गई। अधिकारियों ने पैकिंग और टैगिंग की जांच के बाद इसे सरकारी स्टॉक की पैकिंग और टैगिंग से संबंधित बताया है।
सरकारी गेहूं का स्टॉक सिरोंज कृषि मंडी में किस तरह पहुंचा और इसे एक ट्रक से दूसरे ट्रक में क्यों पलटा जा रहा था, प्रशासन इन बिंदुओं पर जांच कर रहा है।
ट्रक चालक से भी पूछताछ
कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक वसीम से भी पूछताछ की गई। पूछताछ में चालक ने गेहूं को शमशाबाद के व्यापारी मनु माहेश्वरी का बताया है।
अब प्रशासन चालक के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर रहा है। गेहूं के वास्तविक स्वामित्व और इसके परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
मामले में संबंधित व्यापारियों, परिवहनकर्ता और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के बाद स्पष्ट होगी।
करीब 7 लाख रुपये की कीमत
प्रशासन के अनुसार जब्त किए गए 580 बोरी गेहूं की कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है। बड़ी मात्रा में सरकारी स्टॉक मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
अधिकारियों की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि सरकारी गेहूं का स्टॉक निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्थानांतरित किया गया था या नहीं। गेहूं से जुड़े दस्तावेज, स्टॉक रिकॉर्ड, परिवहन से संबंधित कागजात और अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।
एफआईआर की प्रक्रिया जारी
मामले में प्रशासन द्वारा दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सरकारी पैकिंग और टैगिंग की पुष्टि होने के बाद संबंधित विभागों से भी जानकारी ली जा रही है।
प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी बताई गई है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
सरकारी गेहूं के स्टॉक पर उठे सवाल
कृषि मंडी में सरकारी गेहूं की इतनी बड़ी मात्रा मिलने के बाद अब इसके मंडी तक पहुंचने और ट्रक से दूसरे ट्रक में पलटने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन इन सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।
फिलहाल 580 बोरी गेहूं जब्त कर लिया गया है। गेहूं और ट्रक को एसडीएम कार्यालय लाया गया है। संबंधित दस्तावेजों की जांच और अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
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