भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में नर्मदा संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बालिका कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सड़क विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
कैबिनेट के फैसलों से अगले पांच वर्षों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन का रास्ता साफ हुआ है।
नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा नमन मिशन
कैबिनेट ने प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन, नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी है।
प्रदेश की लगभग 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है। इसी को ध्यान में रखते हुए मिशन को बहु-विभागीय व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।
नमन मिशन की प्रमुख बातें
- मिशन को मध्य प्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत किया जाएगा।
- साधारण सभा के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे।
- प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे।
- आईआईटी, आईआईएसईआर, एनईईआरआई सहित राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।
- नर्मदा संरक्षण के लिए राज्य अनुदान से हर साल 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
- कैम्पा निधि से हर साल 100 करोड़ रुपये का उपयोग किया जाएगा।
- पांच वर्षों में राज्य बजट से 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
- सीएसआर, केंद्रीय सहायता और पीपीपी मॉडल से भी सहयोग जुटाया जाएगा।
नमन मिशन के तहत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाई जाएगी। यह इकाई AI, GIS, रिमोट सेंसिंग, डेटा एनालिटिक्स और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम जैसी तकनीकों के माध्यम से नर्मदा नदी के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी।
लाड़ली बहना योजना के लिए 1.14 लाख करोड़
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
वर्तमान में योजना के तहत करीब 1.27 करोड़ महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है।
योजना का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326 करोड़
मध्य प्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
योजना के तहत अब तक करीब 50.99 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। पात्र बालिकाओं को कक्षा 6वीं, 9वीं, 11वीं और 12वीं में प्रवेश पर निर्धारित आर्थिक सहायता दी जाती है। कॉलेज में प्रवेश पर भी प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1 लाख रुपये के भुगतान का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी मंजूरी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
योजना के तहत पात्र महिला को पहले प्रसव पर कुल 5 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। दूसरी संतान के रूप में बालिका जन्म होने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार 6 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 11,835 करोड़ रुपये
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 11 हजार 835.35 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसमें उप स्वास्थ्य केंद्र योजना के लिए 4,742.45 करोड़ रुपये, अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए 3,219.22 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और आधुनिक उपकरणों के लिए 518.93 करोड़ रुपये तथा आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए 3,354.75 करोड़ रुपये शामिल हैं।
प्रदेश में करीब 71 हजार आशा कार्यकर्ता और 5,200 आशा पर्यवेक्षक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हैं।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान को 870 करोड़
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की योजनाओं के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए 469 करोड़ 93 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
कृषि क्षेत्र की अधोसंरचना, प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण सुविधाओं और अनुसंधान से जुड़े कार्यों के लिए 90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
विज्ञान और तकनीक के लिए 734 करोड़
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 734 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसमें अनुसंधान और विकास गतिविधियों के लिए 201.28 करोड़ रुपये, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए 119.04 करोड़ रुपये, विज्ञान के लोकप्रियकरण और प्रसार के लिए 172.52 करोड़ रुपये तथा मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241.16 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इन योजनाओं के तहत GIS, रिमोट सेंसिंग, जैव प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, ग्रामीण प्रौद्योगिकी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सड़क विकास निगम में 35 नए पद
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम, MPRDC, की पदीय संरचना में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ पहले से स्वीकृत 7 पदों की निरंतरता भी आगामी पांच वर्षों तक रखी जाएगी।
इस निर्णय से करीब 4.12 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आएगा। इस राशि की पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा।
कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश में महिला एवं बालिका कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, नर्मदा संरक्षण, विज्ञान, तकनीक और सड़क विकास से जुड़ी योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
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