Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / धर्म एवं संस्कृति / तीन मासूमों की जलसमाधि और भीषण आगजनी पर भड़के दिग्विजय सिंह

तीन मासूमों की जलसमाधि और भीषण आगजनी पर भड़के दिग्विजय सिंह

30-05-2026  Waseem Qureshi  3 views
तीन मासूमों की जलसमाधि और भीषण आगजनी पर भड़के दिग्विजय सिंह

साँची/रायसेन: मध्य प्रदेश की साँची विधानसभा इन दिनों दोहरे दुख से गुजर रही है। एक तरफ जहाँ तीन मासूम बच्चियों की डूबने से हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है, वहीं आलमखेड़ा में हुई भीषण आगजनी ने कई परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए हैं। इन हृदयविदारक घटनाओं पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। सिंह ने सरकार से माँग की है कि केवल 'दिखावे की सहानुभूति' नहीं, बल्कि 'ठोस आर्थिक मदद' दी जाए।

सगौर में पसरा सन्नाटा: तीन जिंदगियां पानी में समाईं

ग्राम सगौर में हुई घटना ने हर किसी की आँखों में आँसू ला दिए हैं। तीन मासूम बच्चियाँ, जिनका भविष्य अभी शुरू ही हुआ था, पानी में डूबने के कारण काल के गाल में समा गईं। इस खबर ने पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है। दिग्विजय सिंह ने इसे अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए कहा कि इन मासूमों की कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार को उनके परिवारों का हाथ थामना चाहिए।

आलमखेड़ा में आग का तांडव: मेहनत की कमाई हुई खाक

वहीं दूसरी ओर, आलमखेड़ा गाँव में हुई भीषण आगजनी की घटना ने गरीब परिवारों को सड़क पर ला दिया है। आग की लपटों ने न केवल घर जलाए, बल्कि बरसों की जमा-पूंजी और राशन भी खाक कर दिया। दिग्विजय सिंह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए रायसेन नगरपालिका के नेता प्रतिपक्ष प्रभात चावला से विस्तृत चर्चा की और नुकसान का पूरा ब्योरा लिया।

दिग्विजय सिंह का CM को पत्र: “दिखाएं संवेदनशीलता”

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे पत्र में कड़े शब्दों में आग्रह किया है कि प्रशासन कागजी कार्यवाही में समय बर्बाद न करे। उन्होंने पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित माँगें रखी हैं:

अधिकतम मुआवजा: मृतक बच्चियों के परिजनों को नियमानुसार मिलने वाली अधिकतम राहत राशि तत्काल प्रदान की जाए।

त्वरित आर्थिक सहायता: आगजनी से प्रभावित परिवारों को घर बनाने और गृहस्थी बसाने के लिए फौरन आर्थिक संबल दिया जाए।

प्रशासनिक सक्रियता: जिला प्रशासन को निर्देश दिए जाएं कि वे मौके पर जाकर पीड़ितों की वास्तविक स्थिति देखें और सहायता पहुंचाएं।

विपक्ष की सक्रियता और स्थानीय दबाव

रायसेन के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रभात चावला ने भी साफ कर दिया है कि वे इन परिवारों को न्याय दिलाने के लिए चुप नहीं बैठेंगे। चावला ने कहा कि हम निरंतर पीड़ितों के संपर्क में हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी मदद हर जरूरतमंद तक पहुंचे।

"संकट की इस घड़ी में शासन को केवल मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए। सरकार का कर्तव्य है कि वह पीड़ितों को वह आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करे, जिसकी उन्हें इस समय सबसे अधिक आवश्यकता है।" – दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री, म.प्र.

साँची विधानसभा की ये दो घटनाएँ प्रशासन की मुस्तैदी और सरकारी राहत तंत्र की परीक्षा हैं। दिग्विजय सिंह के दखल के बाद अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री सचिवालय पर टिकी हैं कि सरकार इन पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए कितनी जल्दी कदम उठाती है।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy