भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में सामने आए शराब कांड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अब जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद उमा भारती ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री और उससे जुड़े मामलों में केवल आरोपियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि संबंधित क्षेत्र में जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी।
उमा भारती ने कहा कि सरपंच से लेकर विधायक और मंत्री तक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था तो वहां के जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई।
‘जनप्रतिनिधियों को कैसे पता नहीं चला?’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की जानकारी स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों को रहती है। ऐसे में यदि अवैध शराब की बिक्री हो रही थी तो इसकी जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोपियों के साथ संपर्क में रहने या उनके साथ रहने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की। उमा भारती ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी की आरोपियों के साथ मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक और मंत्री की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि किसी क्षेत्र में अवैध गतिविधियां लगातार चलती रहें और जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी न हो, यह सवाल जांच का विषय है।
‘मैं खुद सागर जाऊंगी, बंडा में लोगों से मिलूंगी’
उमा भारती ने कहा कि वह स्वयं सागर जाएंगी और बंडा क्षेत्र में लोगों से मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि वहां जाकर स्थानीय लोगों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास करेंगी।
उन्होंने शराब से जुड़े मामलों में सरकार की आबकारी नीति के प्रभावी पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के दौरान आबकारी नीति का पालन कराने और शराबबंदी की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर भी चर्चा किए जाने की बात कही।
पूर्व मुख्यमंत्री लंबे समय से मध्य प्रदेश में शराब की बिक्री और शराब नीति को लेकर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखती रही हैं। इस बार सागर के मामले को लेकर उनके तेवर एक बार फिर तीखे नजर आए।
मंत्री गोविंद सिंह के साथ आरोपी की तस्वीर पर सवाल
सागर शराब कांड के संदर्भ में मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री गोविंद सिंह के साथ एक आरोपी की तस्वीर को लेकर भी सवाल उठे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमा भारती ने कहा कि ऐसे मामलों में केवल तस्वीर सामने आना ही अंतिम निष्कर्ष का आधार नहीं होना चाहिए, बल्कि आरोपी और जनप्रतिनिधियों के बीच संपर्क तथा संबंधों की वास्तविकता की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि यदि किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी की आरोपी के साथ निकटता अथवा मिलीभगत जांच में सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग
उमा भारती ने कहा कि अवैध शराब जैसे मामलों में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। यदि जांच में किसी अधिकारी की आरोपियों के साथ मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की जांच केवल एक घटना तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाए।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उमा भारती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बच्चे प्यार करते हैं और उन्हें अपना नेता मानते हैं।
उमा भारती ने राहुल गांधी की उम्र को लेकर भी कटाक्ष किया और कहा कि ‘अब राहुल बूढ़े हो चुके हैं, डोकरा हो चुके हैं।’ उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
उज्जैन हनुमान प्रतिमा विवाद पर भी बोलीं उमा भारती
उमा भारती ने उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा और मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते से जुड़े विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह मस्जिद के लिए रास्ता निकाला गया, उसी तरह मंदिर के लिए भी रास्ता होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उज्जैन पहुंचने के बाद उन्हें इस विवाद की जानकारी मिली। उमा भारती ने हनुमान प्रतिमा को लेकर कहा कि ‘बजरंगबली ने कमाल कर दिया, वह हिले नहीं।’
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद उमा भारती ने सागर शराब कांड को लेकर सरकार के सामने कई अहम सवाल रखे हैं। उनके बयानों का मुख्य केंद्र अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना रहा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और क्या जिम्मेदारी तय करने को लेकर कोई नई कार्रवाई सामने आती है।
विदिशा भारती की विशेष रिपोर्ट।
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