भोपाल/इंदौर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके कार्यक्रम को ‘झूठ की यात्रा’ करार दिया। राहुल गांधी के इंदौर दौरे की तारीख 19 सितंबर किए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है और कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस तैयारियों में जुटी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर कहा कि एक नेता झूठ की यात्रा लेकर आ रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके परिवार ने देश का भला नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पुराने नेतृत्व और चुनावी राजनीति को लेकर भी राहुल गांधी पर कटाक्ष किया।
‘रायबरेली, अमेठी छोड़ी, वायनाड चले गए’
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में राहुल गांधी की चुनावी सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता दिल्ली से चुनाव लड़ने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों से चुनाव लड़ते रहे हैं। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और बाद के कांग्रेस नेतृत्व का संदर्भ देते हुए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी पहले रायबरेली और अमेठी से जुड़े रहे और बाद में केरल के वायनाड चले गए। इसी क्रम में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर समुद्र नहीं आता तो शायद राहुल गांधी अरब जाकर चुनाव लड़ते।
मुख्यमंत्री के इस बयान को राहुल गांधी के आगामी इंदौर दौरे से जोड़कर देखा जा रहा है। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद करने वाले हैं। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की तैयारियां जारी हैं।
न्यायपालिका और सेना को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर न्यायालय और सेना को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए भी हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के लिए ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उनके अनुसार राहुल गांधी अपने राजनीतिक व्यवहार से इसी तरह की छवि प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। एक ओर कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों के मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है, वहीं भाजपा नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
‘मध्यप्रदेश आएं तो पहले माफी मांगें’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे राज्य में आएं तो पहले माफी मांगें। उन्होंने विशेष रूप से बालाघाट को नक्सल मुक्त करने का श्रेय भाजपा सरकार को देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है और बालाघाट को नक्सल प्रभाव से मुक्त करने की दिशा में काम किया गया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर प्रदेश की राजनीति में माहौल गर्म है।
इंदौर कार्यक्रम को लेकर पहले भी रहा विवाद
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में आयोजन स्थल पर विवाद भी सामने आया था। शुरुआती तौर पर कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम की अनुमति को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच खींचतान हुई। इसके बाद कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाकर 19 सितंबर किए जाने की खबर सामने आई।
अब कांग्रेस कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी है। वहीं भाजपा की ओर से राहुल गांधी के दौरे और कार्यक्रम को लेकर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में 19 सितंबर को होने वाला यह आयोजन केवल छात्रों से संवाद तक सीमित न रहकर मध्यप्रदेश की सियासत में बड़ा राजनीतिक मंच बन सकता है।
19 सितंबर पर नजर
राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने के साथ कांग्रेस जहां छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सामने रखने की कोशिश करेगी, वहीं भाजपा सरकार के नेता उनके बयानों और राजनीतिक एजेंडे का जवाब देने की तैयारी में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव की एक कड़ी माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। अब निगाहें 19 सितंबर के इंदौर कार्यक्रम पर हैं कि राहुल गांधी मंच से किन मुद्दों को उठाते हैं और मुख्यमंत्री मोहन यादव के हमले का किस तरह जवाब देते हैं।
नोट: मुख्यमंत्री मोहन यादव के राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों/टिप्पणियों को यहां उनके बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है; स्वतंत्र रूप से उनकी सत्यता का निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
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