रायसेन | विदिशा भारती न्यूज़
रिपोर्ट: वसीम कुरैशी
क्या हमारी धरती माता सच में बंजर होने की कगार पर है? क्या आने वाली पीढ़ियों के लिए थाली में शुद्ध अनाज बचेगा? इन गंभीर सवालों का जवाब देने और देश की कृषि व्यवस्था में जान फूंकने के लिए सोमवार को रायसेन की पावन धरा से एक ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत हुई।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले के ग्राम रायपुर रामासिया से राष्ट्रीय स्तर के 'खेत बचाओ, मिट्टी बचाओ' अभियान का भव्य शुभारंभ किया। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के अन्नदाताओं की किस्मत बदलने वाला एक महीने का महा-अभियान है।
मिट्टी है तो भविष्य है: 'मामा' का भावुक संबोधन
अपने चिर-परिचित अंदाज में किसानों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "मिट्टी केवल धूल का ढेर नहीं, यह हमारी मां है। अगर मां बीमार होगी, तो संतान (फसल) सेहतमंद कैसे हो सकती है?" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज हमने मिट्टी की सेहत नहीं सुधारी, तो आने वाली पीढ़ियों को हम एक बंजर विरासत देकर जाएंगे।
1 जून से 30 जून: देश के कोने-कोने में गूंजेगा संदेश
यह विशेष अभियान पूरे जून महीने (1 जून से 30 जून तक) संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक खेती के जहर से मिट्टी को मुक्त करना और उसे फिर से जीवित करना है। अभियान के तहत:
प्राकृतिक खेती पर जोर: रसायनों को छोड़ प्राकृतिक खाद और 'हरित खाद' अपनाने की अपील।
विशेषज्ञों की फौज: कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक गांव-गांव जाकर किसानों को मुफ्त सलाह देंगे।
सॉयल हेल्थ कार्ड: हर किसान के पास अपनी मिट्टी की 'कुंडली' यानी सॉयल हेल्थ कार्ड होगा, ताकि अनावश्यक खाद का पैसा बचे।
नकली खाद-बीज बेचने वालों की अब खैर नहीं!
किसानों के हित में एक कड़ा फैसला सुनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने मिलावटखोरों और नकली कीटनाशक बेचने वालों को खुली चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के पसीने की कमाई से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का संकल्प है—हर किसान को शुद्ध बीज और गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री मिले।
खेती में क्रांतिकारी बदलाव की आहट
रायसेन से शुरू हुआ यह 'मिट्टी बचाओ' अभियान केवल भाषणों तक सीमित नहीं है। जानकारों का मानना है कि वैज्ञानिक खेती और मिट्टी संरक्षण के इस तालमेल से खेती की लागत आधी और मुनाफ़ा दोगुना हो सकता है। रायपुर रामासिया के किसानों में इस पहल को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया
शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन से जिस 'मिट्टी क्रांति' की शुरुआत की है, उसकी गूंज अब दिल्ली के गलियारों से लेकर कन्याकुमारी के खेतों तक सुनाई देगी। अब देखना यह है कि देश का अन्नदाता इस आह्वान को कितनी तेजी से अपनाता है।
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