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NGT के आदेश पर भोपाल के बड़े तालाब में बड़ा प्रशासनिक एक्शन

07-09-2026  Editor Shubham Jain  11 views
NGT के आदेश पर भोपाल के बड़े तालाब में बड़ा प्रशासनिक एक्शन

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की जीवनरेखा माने जाने वाले ऐतिहासिक बड़े तालाब (भोजताल) के संरक्षण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने बेहद सख्त रवैया अपनाया है। NGT के स्पष्ट आदेशों के पालन में भोपाल जिला प्रशासन, नगर निगम, पर्यावरण विभाग और पुलिस तंत्र की संयुक्त टीम ने बड़े तालाब की वास्तविक सीमा का निर्धारण करने और अवैध कब्जों को चिह्नित करने के लिए एक विशाल और हाई-टेक ड्रोन सर्वे अभियान शुरू कर दिया है।


​प्रशासनिक टीम द्वारा ऐतिहासिक गौहर महल के पास से अत्याधुनिक ड्रोन उड़ाकर इस वैज्ञानिक सर्वे की शुरुआत की गई। सर्वे के दौरान किसी भी तरह के भ्रम या त्रुटि से बचने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन रिकॉर्डिंग के साथ-साथ अफसरों और विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर जाकर ‘ग्राउंड ट्रुथिंग’ (जमीनी सत्यापन) भी किया।
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​🚨 खानूगांव से चिरायु अस्पताल तक गायब मिले एफटीएल मुनारे (सीमा चिह्न)
​प्रशासनिक जांच टीम ने खानूगांव, कोहेफिजा, हलालपुरा और चिरायु अस्पताल के आसपास के तटीय एवं बफर ज़ोन इलाकों में सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि जिन स्थानों पर फुल टैंक लेवल (FTL) और ग्रीन बेल्ट की सीमा को दर्शाने वाले मुनारे (पक्के सीमा पिलर) लगे होने चाहिए थे, वे कई प्रमुख जगहों से गायब पाए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं ने अतिक्रमण को छिपाने की नीयत से इन सरकारी मुनारों को साजिशन नष्ट या गायब कर दिया है।


​🌊 फिजा फार्म में पक्का पुल और मैरिज गार्डन के पीछे 6 फीट का अवैध भराव
​सर्वे के दौरान ड्रोन कैमरों और जमीनी जांच में तालाब के कैचमेंट तथा एफटीएल क्षेत्र में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं:
​जल निकाय में पक्का निर्माण: हलालपुरा के पास फिजा फार्म क्षेत्र में तालाब के प्राकृतिक जलभराव के भीतर एक पक्का पुल बना हुआ पाया गया, जिसके आगे तक तालाब का पानी फैला हुआ था।
​6 फीट गहरा अवैध भराव: लैंडमार्क मैरिज गार्डन के ठीक पीछे तालाब के जलभराव वाले क्षेत्र में लगभग 6 फीट तक मिट्टी, कंक्रीट और मलबे का अवैध भराव दर्ज किया गया।
​जलीय पारिस्थितिकी को खतरा: ड्रोन सर्वे में कर्बला पंप हाउस, सीरीन नदी के आसपास और तालाब के विशाल हिस्से में जलकुंभी और हानिकारक जलीय घास का भारी जमाव देखा गया, जो पर्यावरण व जल की गुणवत्ता के लिए गंभीर संकट बन चुका है।


​🚜 बैरागढ़कलां में चला बुलडोजर: 3 अवैध कॉलोनियों के पक्के निर्माण ज़मींदोज
​केवल सर्वे ही नहीं, बल्कि मौके पर अवैध निर्माण मिलने के तुरंत बाद प्रशासन ने त्वरित दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी। बैरागढ़कलां क्षेत्र में बड़े तालाब की सीमा और ग्रीन बेल्ट में बसाई जा रही 3 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया गया।
​प्रशासनिक और पुलिस की मौजूदगी में भारी-भरकम JCB मशीनों व बुलडोजर की मदद से इन अवैध कॉलोनियों में किए गए पक्के निर्माणों, सीमाओं और सड़कों को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि NGT की गाइडलाइंस के अनुसार 2017 के नियमों को आधार बनाकर सभी बफर जोन व एफटीएल से कब्जों को पूरी तरह साफ किया जाएगा।
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