बेगमगंज। शिक्षक दिवस, जब गुरु के सम्मान और उनके योगदान को याद करने का दिन माना जाता है, उसी दिन रायसेन जिले के बेगमगंज में एक कंप्यूटर सेंटर के भीतर शिक्षिका के साथ कथित अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई। दीनदयाल कॉलोनी स्थित कंप्यूटर सेंटर में हुई इस घटना में शिक्षिका की मदद के लिए पहुंचे एक छात्र के साथ भी आरोपी ने मारपीट की। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगमगंज पुलिस ने तेजी दिखाई और आरोपी को घटना के करीब आधे घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था।
सेंटर खोलने पहुंची थी 23 वर्षीय शिक्षिका
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दीनदयाल कॉलोनी के पटवा भवन में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय से संबद्ध कंप्यूटर सेंटर संचालित होता है। यहां 23 वर्षीय शिक्षिका पिछले करीब तीन वर्षों से कार्यरत हैं। सेंटर की चाबी भी उनके पास रहती है।
शिक्षिका शनिवार सुबह करीब 9 बजे सेंटर खोलने पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान 27 वर्षीय आकाश कुशवाहा उनके पीछे परिसर में दाखिल हो गया। आरोप है कि उसने शिक्षिका के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।
अचानक हुई इस घटना से शिक्षिका घबरा गईं और उन्होंने शोर मचाकर मदद के लिए आवाज लगाई।
चीख-पुकार सुनकर छात्र पहुंचा, आरोपी ने उस पर भी किया हमला
शिक्षिका की आवाज सुनकर कंप्यूटर कोर्स करने आया छात्र राज ठाकुर मौके पर पहुंचा। उसने कथित तौर पर आरोपी की हरकत का विरोध किया और शिक्षिका को बचाने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपी ने छात्र के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान शिक्षिका के साथ भी हाथापाई की गई। सेंटर में अचानक हुए इस विवाद से आसपास के लोगों में भी हलचल मच गई।
जब लोगों के मौके पर पहुंचने की आहट हुई तो आरोपी वहां से भाग निकला। घटना की जानकारी मिलते ही कंप्यूटर सेंटर संचालक अनिल यादव, रघुराज सिंह ठाकुर और शिक्षिका के परिजन मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने तेजी से शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद बेगमगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। एसडीओपी सोनाली गुप्ता के अनुसार, पीड़ित शिक्षिका और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए गए। इसके बाद आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम सक्रिय की गई।
थाना प्रभारी राजीव उइके के मुताबिक, पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश और घेराबंदी शुरू की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी को नगर के एक मकान से भागने की कोशिश करते हुए पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना के करीब आधे घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सकी।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस जांच में आरोपी आकाश कुशवाहा का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से करीब पांच मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि पिछले वर्ष एक युवती के अपहरण से जुड़े मामले में भी आरोपी जेल जा चुका है। हाल ही में वह जमानत पर बाहर आया था। ऐसे में पुलिस आरोपी के पुराने मामलों और वर्तमान घटना के बीच उसके आपराधिक व्यवहार से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
शिक्षक दिवस के दिन हुई घटना से उठे सुरक्षा पर सवाल
शिक्षक दिवस पर शिक्षिका के साथ कंप्यूटर सेंटर परिसर में हुई इस घटना ने निजी शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थानों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के समय शिक्षिका सेंटर खोलने के लिए पहुंची थीं। ऐसे में शुरुआती समय में परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और सेंटर के आसपास निगरानी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आएंगे घटना के अन्य पहलू
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित शिक्षिका और छात्र के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस घटनास्थल से जुड़े अन्य लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।
मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी सेंटर परिसर में किस तरह दाखिल हुआ और घटना से पहले तथा बाद में उसकी गतिविधियां क्या थीं। पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है।
बेगमगंज में शिक्षक दिवस के दिन सामने आई इस घटना ने लोगों को चौंका दिया है। जहां एक ओर शिक्षक दिवस पर गुरुजनों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर शिक्षिका के साथ कथित अभद्रता और मारपीट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। फिलहाल पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप पुलिस की प्रारंभिक जानकारी और उपलब्ध बयानों पर आधारित हैं। मामले की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
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