मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और भरोसे के रिश्तों को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। तंत्र-मंत्र और काले जादू के नाम पर एक अस्पताल की नर्स को अपनी हवस का शिकार बनाने, लाखों रुपए ऐंठने और जान से मारने की धमकी देने का खतरनाक खेल उजागर हुआ है। पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। विदिषा भारती पर पढ़िए इस दिल दहला देने वाली घटना की विस्तृत और ग्राउंड रिपोर्ट।
तंत्र-मंत्र का झूठा भरोसा और विश्वासघात
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के लालघाटी थाना क्षेत्र का है। यहां एक निजी अस्पताल में कार्यरत नर्स ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के अनुसार, मुख्य आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाकर खुद को 'राजू' बताया था। आरोपी ने पीड़िता की पारिवारिक परेशानियों का फायदा उठाया और तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ तथा काले जादू के जरिए सभी संकटों को चुटकियों में दूर करने का झूठा भरोसा दिलाया। इसी झांसे में आकर नर्स ने उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ घिनौना कृत्य किया।
बुर्का पहनाकर अजमेर और जावरा ले जाने का खेल
मासूमियत और मजबूरी का फायदा उठाकर आरोपी ने दरिंदगी की सारी सीमाएं पार कर दीं। पुलिस एफआईआर के मुताबिक, शातिर आरोपी पीड़िता को जबरन बुर्का पहनाकर उज्जैन, जावरा और अजमेर जैसी धार्मिक और दूरदराज की जगहों पर ले गया। वहां अलग-अलग होटलों व ठिकानों पर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया।
यही नहीं, आरोपी ने ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल खेलते हुए नर्स से कुल 4.10 लाख रुपये वसूल लिए। उसने पीड़िता के कुछ निजी और अश्लील वीडियो भी बना लिए थे, जिन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दे रहा था। पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस अपराध में दूसरे आरोपी की क्या भूमिका रही है।
सहकर्मियों की सूझबूझ से खुला राज
इस खौफनाक और काले कारनामे का पर्दाफाश तब हुआ जब 21 जुलाई को मुख्य आरोपी शाकिर उर्फ राजू (44), निवासी बड़ावद (जिला उज्जैन) अचानक पीड़िता के किराए के मकान पर जा पहुंचा। वहां उसने पीड़िता के साथ मौजूद दो अन्य सहकर्मी नर्सों के साथ भी अश्लील हरकतें करने की कोशिश की। हालांकि, वे दोनों नर्सें किसी तरह वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहीं।
कुछ दिनों बाद उन दोनों ने हिम्मत जुटाई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़िता से संपर्क किया और उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया। शुरुआती हिचकिचाहट के बाद आखिरकार पीड़िता ने थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और बरामदगी
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए शाजापुर पुलिस अधीक्षक (SP) प्रियंका शुक्ला ने तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी शाकिर उर्फ राजू को धर दबोचा।
कड़ाई से पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ऐंठे गए कुल 4.10 लाख रुपये में से 3.48 लाख रुपये नगद और एक दोपहिया वाहन बरामद कर लिया है। पीड़िता के माननीय न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज कराए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी ताकि इस ब्लैकमेकिंग रैकेट से जुड़ी अन्य परतों को भी खंगाला जा सके।
धर्मांतरण के एंगल की भी हो रही जांच
शाजापुर पुलिस इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि इस पूरे मामले के पीछे क्या कोई बड़ा षड्यंत्र, लव जिहाद या धर्मांतरण का एंगल तो नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान यदि ऐसे कोई भी ठोस साक्ष्य हाथ लगते हैं, तो प्रासंगिक कानूनी धाराएं तुरंत जोड़ी जाएंगी। फिलहाल, मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और दूसरे फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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