मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और महिला एवं बाल विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। हाल ही में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में प्रशासनिक तेवर बेहद सख्त नजर आए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य और बच्चों के पोषण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और कड़ी कार्रवाई तय है।
कुपोषण मुक्ति अभियान पर विशेष जोर और भोजन की गुणवत्ता
बैठक के दौरान कुपोषण मुक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले का एक भी बच्चा कुपोषण की चपेट में नहीं रहना चाहिए। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ियों में चिन्हित सभी कुपोषित बच्चों को तत्काल एनआरसी वार्ड में भर्ती कराया जाए, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके और वे पूर्ण स्वस्थ हो सकें। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले सीडीपीओ का वेतन काटने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, एनआरसी वार्ड में बच्चों और माताओं के लिए बनने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के लिए फूड सेफ्टी ऑफिसर को नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं।
संजीवनी क्लीनिक और एसएनसीयू वार्ड में चाक-चौबंद व्यवस्थाएं
विदिशा, बासौदा और सिरोंज नगरीय क्षेत्रों में सुचारू रूप से संचालित कुल 9 संजीवनी क्लीनिकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी क्लीनिक निर्धारित समय पर खुलें ताकि आम नागरिकों को आसानी से स्वास्थ्य लाभ मिल सके। इन क्लीनिकों पर आने वाले मरीजों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने को अनिवार्य किया गया है। आगामी बैठक में इसका पूरा ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में साफ-सफाई, चिकित्सा प्रोटोकॉल और सभी आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश सीएमएचओ और मेडिकल कॉलेज के डीन को दिए गए हैं। इसके साथ ही आरबीएसके योजना, मोबाइल यूनिट वेन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडली लक्ष्मी योजना और टेक होम राशन वितरण की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
आयुष्मान भारत योजना: 15 दिन का अल्टीमेटम और 70+ बुजुर्गों पर फोकस
आयुष्मान भारत योजना को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और इसका लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य प्राथमिकता से पूरा किया जाए। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड प्राथमिकता से बनाए जाएं। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि आगामी 15 दिनों के भीतर यदि इस कार्य में प्रगति नहीं लाई गई, तो संबंधित क्षेत्र की आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी वर्कर और सीएचओ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ब्लड दलालों पर शिकंजा और सहभागिता
स्वास्थ्य संस्थानों में रक्त की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर दलाली या अवैध वसूली करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखने और त्वरित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया, संयुक्त कलेक्टर दीपाश्री गुप्ता, तथा स्वास्थ्य, मेडिकल कॉलेज और महिला एवं बाल विकास विभाग के तमाम प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
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