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खाद की बिक्री पर लगी रोक, जानिए क्या है पूरा मामला

15-08-2026  Editor Shubham Jain  73 views
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खाद की बिक्री पर लगी रोक, जानिए क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रदेश भर में रासायनिक उर्वरकों (खाद) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी कर राज्य के सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं। अचानक आए इस आदेश से प्रदेश के लाखों किसानों के बीच हड़कंप मच गया है। 

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शासकीय आदेश का विवरण 
कृषि विभाग के सचिव निशांत वरवड़े द्वारा 14 अगस्त 2026 को पत्र क्रमांक ई-2/उर्व/पी-2/2026/270 जारी किया गया। इस पत्र के माध्यम से राज्य के समस्त जिला कलेक्टर्स को खाद की बिक्री रोकने के संबंध में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।


शासकीय निर्देश के मुख्य बिंदु: 
 आदेश 14 अगस्त 2026 को शाम 7:00 बजे से पूरे प्रदेश में लागू हो चुका है। 
 उर्वरक बिक्री पर यह रोक आगामी आदेश तक जारी रहेगी। 


 रोक के दौरान विपणन संघ के विक्रय केंद्रों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो के केंद्रों और निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा किसी भी प्रकार के अनुदानित (सब्सिडी वाले) उर्वरक की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। 


बिक्री रोकने का कारण 
सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस रोक का मुख्य कारण भारत सरकार के iFMS पोर्टल एवं प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान (Reconciliation) करना है। 


विभाग का कहना है कि कृषकों को सुगमता पूर्वक उर्वरक प्रदाय करने की व्यवस्था बनाने के लिए यह मिलान कार्य आवश्यक है। जब तक डिजिटल पोर्टल का डेटा और भौतिक स्टॉक का मिलान पूरा नहीं हो जाता, तब तक बिक्री बंद रहेगी। कलेक्टर्स को इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। 


82 लाख किसानों पर असर 
खरीफ सीजन के इस महत्वपूर्ण समय में खाद की बिक्री रुकने से मध्य प्रदेश के लगभग 82 लाख किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस समय फसलों को खाद की सख्त आवश्यकता होती है। 
किसानों की प्रमुख चिंताएं: समय पर खाद न मिलने से फसलों की बढ़त और पैदावार प्रभावित होने का डर।  बिक्री दोबारा शुरू होने पर केंद्रों पर भारी भीड़ और लंबी कतारों की आशंका। 


 कालाबाजारी और खाद की कृत्रिम किल्लत बढ़ने का खतरा। 
किसान संगठनों और स्थानीय कृषकों ने सरकार से मांग की है कि स्टॉक मिलान का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।


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