छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। कलेक्ट्रेट स्थित जनजातीय कार्य विभाग (ट्राइबल विभाग) में पदस्थ कर्मचारी ललित अहिरवार को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त की अचानक हुई इस कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। सरकारी कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों के बीच भी हलचल देखी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शिकायत के आधार पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ट्राइबल विभाग में दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान विभाग में पदस्थ ललित अहिरवार को कथित तौर पर 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक पहुंची लोकायुक्त टीम
मंगलवार को छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जबलपुर लोकायुक्त की टीम अचानक जनजातीय कार्य विभाग पहुंची।
टीम ने विभाग में पदस्थ कर्मचारी ललित अहिरवार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। कार्रवाई की जानकारी फैलते ही कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों और कर्मचारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई।
लोकायुक्त टीम ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और संबंधित विभाग के कक्ष में दस्तावेजों की जांच की।
4 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया कर्मचारी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त टीम ने ललित अहिरवार को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है।
हालांकि, रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी, शिकायतकर्ता कौन है और रिश्वत की मांग से जुड़ा पूरा घटनाक्रम क्या था, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
इन पहलुओं को लेकर लोकायुक्त की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
दस्तावेजों की जांच में जुटी लोकायुक्त टीम
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त की टीम संबंधित कक्ष में दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। रिश्वत से जुड़े मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाने और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बीच हलचल मच गई। फिलहाल मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आना बाकी है।
विस्तृत जानकारी का इंतजार
छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में हुई इस कार्रवाई के बाद अब यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि कर्मचारी ने किस काम के एवज में रिश्वत मांगी थी और शिकायतकर्ता की ओर से लोकायुक्त कार्यालय में किस तरह शिकायत दर्ज कराई गई थी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्राइबल विभाग के कर्मचारी ललित अहिरवार को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक प्रेस नोट के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होगा।
विदिशा भारती अपडेट: छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त की कार्रवाई से सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले की विस्तृत जानकारी मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।
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