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कटनी नगर निगम में रिश्वतखोरी पर कार्रवाई, NOC के बदले रिश्वत लेने के मामले में आलोक गर्ग निलंबित

03-11-2026  Vidisha Bharti Desk  34 views
कटनी नगर निगम में रिश्वतखोरी पर कार्रवाई, NOC के बदले रिश्वत लेने के मामले में आलोक गर्ग निलंबित

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी नगर निगम में एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के बदले रिश्वत लेने के मामले में निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम जबलपुर द्वारा ट्रैप किए जाने के मामले में नगर निगम के सहायक ग्रेड-2 आलोक गर्ग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने इस संबंध में निलंबन आदेश जारी किया है।

नगर निगम प्रशासन की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हलचल मच गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने के लिए अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

NOC के बदले रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त ने किया था ट्रैप

जानकारी के अनुसार, नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 आलोक गर्ग के खिलाफ एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में लोकायुक्त टीम जबलपुर ने उन्हें ट्रैप किया था।

23 अक्टूबर 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम प्रशासन को इस कार्रवाई की जानकारी मिली थी। इसके बाद विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर संभाग की ओर से प्राप्त पत्र में आलोक गर्ग के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम प्रशासन ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

निगमायुक्त तपस्या परिहार ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

नगर निगम द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि आलोक गर्ग का कथित कृत्य शासकीय सेवक के आचरण के प्रतिकूल और अशोभनीय है। इससे नगर निगम की छवि भी प्रभावित हुई है।

आदेश के अनुसार, उनका कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (1) एवं 3 (2) के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

इसी आधार पर निगमायुक्त तपस्या परिहार ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 आलोक गर्ग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन अवधि में विवेकानंद सभागार रहेगा मुख्यालय

निलंबन आदेश के मुताबिक, कार्रवाई की अवधि के दौरान आलोक गर्ग का मुख्यालय नगर निगम के विवेकानंद सभागार, जोन कार्यालय क्रमांक-01 निर्धारित किया गया है।

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार भत्ते का भुगतान किया जाएगा।

ट्रांसपोर्ट नगर योजना के काम की जिम्मेदारी धनंजय सिंह को

आलोक गर्ग के निलंबन के बाद नगर निगम प्रशासन ने उनके कामकाज की जिम्मेदारी भी दूसरे अधिकारी को सौंप दी है।

ट्रांसपोर्ट नगर योजना से संबंधित समस्त लिपिकीय कार्यों का दायित्व सहायक राजस्व निरीक्षक धनंजय सिंह भदौरिया को सौंपा गया है। वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

नगर निगम के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।

रिश्वतखोरी के मामले में प्रशासन का सख्त संदेश

कटनी नगर निगम की इस कार्रवाई को शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने की दिशा में प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। एनओसी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी काम के बदले रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

इस कार्रवाई के बाद नगर निगम के कामकाज और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अब इस मामले में लोकायुक्त की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।


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