विदिशा। जिले के नटेरन में चेक से भुगतान करने का भरोसा देकर मोबाइल फोन लेने और कथित रूप से धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को भोपाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से धोखाधड़ी कर प्राप्त किए गए दोनों मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
चेक देकर खरीदे थे दो मोबाइल फोन
नटेरन पुलिस के अनुसार, ग्राम नटेरन निवासी संजीव कुशवाह ने 14 सितंबर 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि 10 सितंबर को एक व्यक्ति उनकी दुकान पर आया और दो मोबाइल फोन खरीदे। मोबाइल फोन के भुगतान के लिए उसने चेक दिया और वहां से चला गया।
बाद में जब फरियादी ने बैंक से भुगतान के संबंध में जानकारी प्राप्त की, तो संबंधित खाते पर साइबर होल्ड होने की बात सामने आई। इसके बाद फरियादी को भुगतान में गड़बड़ी की आशंका हुई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर थाना नटेरन में अपराध क्रमांक 253/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 316(2) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
तकनीकी विश्लेषण से भोपाल तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन में आरोपी की तलाश के लिए थाना स्तर पर दो पुलिस टीमें गठित की गईं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शिखा भलावी के मार्गदर्शन में टीमों ने जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी की पहचान मृदुल राजपूत, पिता प्रेमशंकर राजपूत, निवासी झुग्गी बस्ती, डॉ. अंबेडकर नगर, भोपाल के रूप में हुई।
बैरागढ़ से पकड़ा गया आरोपी, दोनों मोबाइल बरामद
पुलिस के मुताबिक, टीम ने 9 अक्टूबर 2026 को भोपाल के बैरागढ़, जिसे संत हिरदाराम नगर के नाम से भी जाना जाता है, से आरोपी को पकड़ा। पूछताछ और कार्रवाई के दौरान आरोपी की निशानदेही पर फरियादी की दुकान से प्राप्त किए गए दोनों मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई विवेचना के अनुसार की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नटेरन निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक गौरव रघुवंशी, साइबर सेल विदिशा के प्रधान आरक्षक रोहित रेकवार, प्रधान आरक्षक नरसिंह यादव तथा आरक्षक धर्मेन्द्र अहिरवार, यशपाल निगम, फूलसिंह शाक्य और सूरज बघेल की भूमिका रही।
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