विदिशा भारती डेस्क
पठारी। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से पठारी तहसील के विभिन्न गांवों में पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। योजना के अंतर्गत पात्र ग्रामीणों का ऑनलाइन पंजीयन ई-सेवा ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने गांवों में पहुंचकर पंजीयन कार्य का निरीक्षण किया और अपनी निगरानी में पात्र हितग्राहियों के आवेदन दर्ज कराए।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) मोतीलाल अहिरवार, तहसीलदार प्रेमलता पाल और राजस्व निरीक्षक रोडमल भिलाला मौजूद रहे। अधिकारियों ने पंजीयन प्रक्रिया का जायजा लिया और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों के आवेदन सावधानीपूर्वक दर्ज किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
गांवों में पहुंचकर कराया जा रहा पंजीयन
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों का पंजीकरण प्रशासन की निगरानी में कराया जा रहा है। पठारी तहसील के विभिन्न ग्रामों में इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अमला सक्रिय है। अधिकारियों की मौजूदगी में ई-सेवा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि योजना के दायरे में आने वाले सभी पात्र ग्रामीणों तक इसका लाभ पहुंच सके। इसके लिए पंजीयन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। मौके पर अधिकारियों की उपस्थिति से पंजीयन प्रक्रिया की निगरानी के साथ-साथ ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में भी मदद मिल रही है।
ग्रामीणों को बताए जा रहे योजना के लाभ
पंजीयन और निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के लाभों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि पात्रता के अनुसार पंजीयन कराना योजना से जुड़ने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ग्रामीणों को आवेदन के दौरान सही जानकारी उपलब्ध कराने और जरूरी विवरणों की पुष्टि करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
योजना के क्रियान्वयन में ऑनलाइन पंजीयन की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में आवेदन में दर्ज की जाने वाली जानकारी सही होना आवश्यक है। प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामीणों को प्रक्रिया समझाकर उनका पंजीयन कराया जाए, जिससे आवेदन में गलतियों की संभावना कम हो और आगे की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
कोई भी पात्र हितग्राही न रहे वंचित
अधिकारियों ने राजस्व अमले को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र हितग्राही पंजीयन से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी पात्र लोगों की पहचान कर उनका आवेदन निर्धारित समय-सीमा में दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही पंजीयन की प्रक्रिया त्रुटिरहित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रशासन का जोर केवल पंजीयन की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि आवेदन में सही विवरण दर्ज करने पर भी है। यदि किसी आवेदन में जानकारी अधूरी या गलत दर्ज होती है, तो आगे चलकर हितग्राही को परेशानी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने कर्मचारियों को जिम्मेदारी से काम करने और प्रत्येक आवेदन की जानकारी सावधानीपूर्वक भरने के निर्देश दिए।
पंचायत सचिव और अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी
एसडीएम मोतीलाल अहिरवार ने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत ई-सेवा ऐप पर जानकारी दर्ज करने का कार्य पंचायत सचिव, राशन दुकानों के सेल्समैन तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है। इस कार्य में संबंधित अमले की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्रामीणों की जानकारी ऐप पर दर्ज होने के बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की जानकारी फीड की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि गांवों में पात्र लोगों तक पहुंचकर पंजीयन का काम व्यवस्थित ढंग से पूरा कराया जाए। इसके लिए अधिकारियों द्वारा कार्य की निगरानी भी की जा रही है।
समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर
पठारी तहसील में स्वामित्व योजना के पंजीयन कार्य को समय-सीमा में पूरा कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संबंधित अमले को निर्देशित किया है कि वे आपसी समन्वय बनाकर काम करें और पात्र हितग्राहियों के आवेदन लंबित न रहने दें।
ग्रामीणों के लिए योजना से संबंधित सही जानकारी और समय पर पंजीयन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे में पंचायत स्तर से लेकर राजस्व विभाग तक संबंधित कर्मचारियों की सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल पठारी तहसील के विभिन्न गांवों में पंजीयन कार्य जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने और आवेदन प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
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