भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री की सुरक्षा (CM Security) में बड़ी चूक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के सबसे व्यस्त वीआईपी रूट यानी लालघाटी चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक आरक्षक ने मुख्यमंत्री के काफिले को ही ओवरटेक कर दिया। इस अचानक हुई घटना से न केवल पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, बल्कि सुरक्षा के पुख्ता दावों पर भी सवालिया निशान लग गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री का काफिला लालघाटी इलाके से गुजर रहा था। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए कोहेफिजा थाना पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर पहरा बिठाया था। ट्रैफिक रोका गया था और रूट क्लियर था। लेकिन तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए सीधे सीएम के काफिले को ओवरटेक कर लिया।
इस अचानक हुई 'घुसपैठ' की वजह से मुख्यमंत्री का काफिला कुछ पलों के लिए ठिठक गया। अचानक काफिला रुकने से वहां तैनात अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में वायरलेस पर संदेश गूंजने लगे और सुरक्षा में लगी कोहेफिजा पुलिस की टीम सक्रिय हुई।
निशातपुरा का निकला 'जांबाज' आरक्षक
जब कोहेफिजा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस वाहन को ट्रेस किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सुरक्षा में सेंध लगाने वाला कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि पुलिस विभाग का ही एक आरक्षक (कॉन्स्टेबल) निकला। आरोपी आरक्षक वर्तमान में निशातपुरा थाने में पदस्थ बताया जा रहा है।
बड़ा सवाल: जब एक पुलिसकर्मी ही वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमों को नहीं जानता या उसका पालन नहीं करता, तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है?
कोहेफिजा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
भले ही पुलिस ने बाद में वाहन को ट्रेस कर आरक्षक पर कार्रवाई की बात कही है, लेकिन इस घटना ने कोहेफिजा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
बैरिकेडिंग कहाँ थी? जब सीएम का मूवमेंट था, तो बाहरी वाहन काफिले के इतने करीब कैसे पहुँचा?
समन्वय की कमी: क्या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच तालमेल की कमी थी?
जांच के घेरे में पुलिस: अब इस मामले में केवल आरक्षक पर ही नहीं, बल्कि वहां तैनात कोहेफिजा पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही की भी उच्च स्तरीय जांच की जाएगी।
आगे क्या?
वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों की मानें तो आरोपी आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। वहीं, कोहेफिजा पुलिस के उन जवानों पर भी गाज गिर सकती है जिनकी लापरवाही की वजह से यह सुरक्षा चूक (Security Breach) हुई।
भोपाल जैसे शहर में, जहाँ सुरक्षा के लिहाज से पुलिस हमेशा अलर्ट मोड पर रहती है, वहां मुख्यमंत्री के काफिले के साथ ऐसी घटना होना पुलिस प्रशासन की छवि पर एक बड़ा धक्का है।
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