भोपाल। राजधानी भोपाल में पुलिस कस्टडी से चोरी का एक संदेही फरार हो गया। घटना कटारा हिल्स इलाके की है, जहां पुलिस टीम चोरी के लाखों रुपये के माल की बरामदगी के लिए आरोपी को उसके घर ले जा रही थी। इसी दौरान संदेही पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस ने करीब 30 मिनट तक तलाश करने के बाद उसे कॉलोनी में ही दोबारा पकड़ लिया।
घटना के बाद पुलिस विभाग में लापरवाही को लेकर सवाल उठे हैं। मामले में उप निरीक्षक (एसआई) समेत चार पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है। डीसीपी ने एसआई शिवेंद्र पाठक और एसआई कमल सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रधान आरक्षक दौलतराम और आरक्षक रवि पाल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
शुक्रवार रात करीब 8 बजे हुई घटना
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8 बजे कोलार थाने की पुलिस टीम चोरी के मामले में पकड़े गए संदेही कृष्णा गिरी उर्फ छिहत्तर को लेकर कटारा हिल्स पहुंची थी। पुलिस चोरी के लाखों रुपये के माल की बरामदगी के लिए उसे घर ले जा रही थी।
इसी दौरान कृष्णा गिरी पुलिस टीम को चकमा देकर फरार हो गया। अचानक हुई इस घटना से पुलिसकर्मियों के सामने संदेही को दोबारा पकड़ने की चुनौती खड़ी हो गई। पुलिस टीम ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की।
30 मिनट बाद कॉलोनी में ही मिला संदेही
पुलिस ने करीब आधे घंटे तक आसपास के इलाके और कॉलोनी में तलाश की। इसके बाद कृष्णा गिरी को दोबारा पकड़ लिया गया। इस तरह संदेही पुलिस की पकड़ से ज्यादा देर तक बाहर नहीं रह सका, लेकिन कस्टडी से फरार होने की घटना ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
चार पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच
घटना को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने एसआई शिवेंद्र पाठक और एसआई कमल सिंह के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं। प्रधान आरक्षक दौलतराम और आरक्षक रवि पाल की भूमिका भी जांची जा रही है।
जांच में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि पुलिस टीम आरोपी की निगरानी किस तरह कर रही थी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। इसके साथ ही कस्टडी और बरामदगी की कार्रवाई के दौरान निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
विभागीय जांच पूरी होने के बाद चारों पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल मामला पुलिसकर्मियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक से जुड़ा है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के लिए किसकी कितनी जिम्मेदारी बनती है।
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