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भोपाल के 'राजा' और 'रानी' का बढ़ेगा मान: केंद्र सरकार

22-05-2026  Editor Shubham Jain  24 views
भोपाल के 'राजा' और 'रानी' का बढ़ेगा मान: केंद्र सरकार

भोपाल: झीलों की नगरी भोपाल के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। परमार वंश के प्रतापी शासक सम्राट राजा भोज और गोंडवाना साम्राज्य की शौर्य गाथा की प्रतीक महारानी कमलापति के सम्मान में भारत सरकार स्मारक डाक टिकट जारी करने जा रही है।

भोपाल सांसद आलोक शर्मा के प्रयासों के बाद संचार मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। यह न केवल भोपाल, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है, क्योंकि अब इन महान विभूतियों की विरासत सात समंदर पार डाक टिकटों के जरिए पहुंचेगी।

सांसद आलोक शर्मा की चिट्ठी लाई रंग

सांसद आलोक शर्मा ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही भोपाल की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की मुहिम छेड़ रखी है। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि राजा भोज और रानी कमलापति के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके नाम पर विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किए जाएं।

सांसद शर्मा ने बताया, “मुझे केंद्र सरकार से स्वीकृति पत्र प्राप्त हो गया है। इन डाक टिकटों के माध्यम से हमारी आने वाली पीढ़ियां अपने नायकों के त्याग और पुरुषार्थ से प्रेरणा ले सकेंगी।”

राजा भोज: सुशासन और जल प्रबंधन के पुरोधा

सम्राट राजा भोज सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि एक महान विद्वान और दूरदर्शी शासक थे। सांसद शर्मा के अनुसार:

स्थापत्य कला: भोपाल का 'बड़ा तालाब' आज भी उनके जल प्रबंधन और इंजीनियरिंग कौशल का जीता-जागता प्रमाण है।

साहित्य और शिक्षा: उन्होंने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे भारतीय सभ्यता के गौरव हैं।

राष्ट्र निर्माण: उनका व्यक्तित्व आज भी सुशासन (Good Governance) के लिए एक मानक माना जाता है।

रानी कमलापति: नारी शक्ति और स्वाभिमान की मिसाल

गोंडवाना की रानी कमलापति का नाम आते ही जेहन में साहस और स्वाभिमान की तस्वीर उभरती है।

"महारानी कमलापति साहस, त्याग और नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति थीं। उनका जीवन जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।" - आलोक शर्मा, सांसद भोपाल

हाल ही में भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का नाम 'रानी कमलापति' रेलवे स्टेशन कर उन्हें सम्मान दिया गया था, और अब डाक टिकट जारी होना उनकी वीरता पर एक और मुहर है।

पर्यटन और विरासत को मिलेगी नई पहचान

इन स्मारक डाक टिकटों के जारी होने से मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। फिलेटली (डाक टिकट संग्रह) के शौकीन दुनिया भर में इन टिकटों के जरिए भोपाल के समृद्ध इतिहास को जान सकेंगे। यह कदम भोपाल के पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम के माध्यम से इन डाक टिकटों का विमोचन किया जाएगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के दिग्गज शामिल हो सकते हैं।


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