विदिशा भारती डेस्क
पठारी। आस्था जब सेवा बन जाए और परंपरा जब संकल्प का रूप ले ले, तो समाज में नए प्रतिमान स्थापित होते हैं। धर्मनगरी पठारी के जन-जन की आस्था के केंद्र प्रसिद्ध बड़ी माता मंदिर परिसर में एक ऐसा ही प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जिसने हर श्रद्धालु का दिल जीत लिया। मंदिर में भव्य छत निर्माण के लिए क्षेत्र के प्रतिष्ठित यादव परिवार ने आगे आकर 5 लाख 11 हजार रुपये की सहयोग राशि मंदिर निर्माण समिति को सौंपी। इतना ही नहीं, परिवार ने खुली घोषणा की है कि छत निर्माण कार्य पूर्ण होने तक जो भी अतिरिक्त खर्च आएगा, उसका संपूर्ण वहन परिवार स्वयं करेगा।
◆ पूज्य स्वर्गीय सनमान सिंह यादव की पावन स्मृति में उठाया बीड़ा
यह पुनीत कार्य यादव परिवार ने अपने पूज्य पिताजी स्वर्गीय सनमान सिंह यादव की पावन स्मृति को समर्पित किया है। माता जी के मार्गदर्शन, बड़े भाई कमल सिंह यादव और किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री कप्तान सिंह यादव समेत परिवार के सभी वरिष्ठ सदस्यों की गरिमामयी मौजूदगी में यह सहयोग राशि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष राजेश रिछारिया एवं समिति के पदाधिकारियों को विधिवत सौंपी गई।
यादव परिवार का कहना है कि पूज्य पिताजी ने जीवन पर्यंत धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके दिए संस्कारों का ही प्रतिफल है कि आज परिवार को मां भगवती के दरबार में सेवा का यह परम सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
"मां की कृपा से सब संभव, खर्च की कोई सीमा नहीं" .....
◆ ◆ ◆ सहयोग राशि समर्पित करते हुए परिवार के सदस्यों ने भावुक कंठ से कहा:
"बड़ी माता रानी की असीम कृपा और छत्रछाया हमारे पूरे परिवार पर सदैव बनी रही है। जीवन में जो कुछ भी मान-सम्मान, समृद्धि और शांति मिली है, वह माता रानी के चरणों का ही आशीर्वाद है। छत निर्माण में यदि अनुमानित राशि से अधिक व्यय भी होता है, तो उसका पूरा भार हमारा परिवार उठाएगा। मां के कार्य में संसाधनों की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।"
परिवार का यह निस्वार्थ संकल्प सुनते ही उपस्थित श्रद्धालुओं और समिति सदस्यों ने जय माता दी के गगनभेदी जयकारों से समूचे प्रांगण को गुंजायमान कर दिया।
मंदिर निर्माण कार्य पकड़ेगा रफ्तार,
◆ आधुनिक तकनीक से सजेगी छत :-
पठारी का बड़ी माता मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की सामूहिक आस्था और एकता की धुरी है। लंबे समय से मंदिर परिसर में एक मजबूत, सुसज्जित और भव्य छत की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, ताकि चिलचिलाती धूप और मूसलाधार बारिश में भी श्रद्धालुओं को पूजन-अर्चन में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
निर्माण समिति के अध्यक्ष राजेश रिछारिया ने बताया कि यादव परिवार की इस ऐतिहासिक पहल से छत निर्माण का काम अब तीव्र गति से आगे बढ़ेगा। योजना के अनुसार:
◆ छत का ढांचा आधुनिक, टिकाऊ और पारंपरिक मंदिर वास्तुकला के अनुरूप तैयार होगा।
◆ बारिश के पानी की समुचित निकासी और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन की विशेष व्यवस्था रहेगी।
◆ आगामी पर्वों और नवरात्र मेलों से पहले मुख्य कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सामाजिक एकजुटता और दानवीरता का अनूठा संगम
भारतीय संस्कृति में मंदिर केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं होते, वे समूचे समाज की आत्मा और सकारात्मक ऊर्जा के केंद्र होते हैं। यादव परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब समृद्ध और जिम्मेदार परिवार अपनी जड़ों और धार्मिक आस्था से जुड़कर समाज के लिए हाथ बढ़ाते हैं, तो बड़े से बड़ा जनहितकारी संकल्प सहज ही सिद्ध हो जाता है।
◆ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल धन का दान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धर्म, परोपकार और पितृ-तर्पण की एक ऐसी मिसाल है, जो लंबे समय तक पठारी अंचल में याद रखी जाएगी।
कार्यक्रम में मौजूद रहे गणमान्य नागरिक
इस पावन अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष हरिनेश यादव, सरपंच प्रतिनिधि अखिलेश पंथी रोहित रिछारिया रमेश रिछारिया, मनोज रिछारिया, भानु व्यास, अशोक रिछारिया, कोमल सेन सहित नगर के अनेक प्रबुद्ध जन, युवा और मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंदिर निर्माण समिति ने यादव परिवार का शॉल, श्रीफल एवं माता की प्रसादी भेंट कर आभार प्रकट किया।
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