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350 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर दबोचा गया शातिर चोर गिरोह, 21 लाख का माल बरामद

29-07-2026  Vidisha Raghvendra dangi  13 views
350 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर दबोचा गया शातिर चोर गिरोह, 21 लाख का माल बरामद

विदिशा भारती ब्यूरो | 29 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और व्यावसायिक जिले विदिशा में अपराधियों के हौसले पस्त होते नजर आ रहे हैं। विदिशा पुलिस ने शहर में पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने वर्ष 2024, 2025 और हालिया वर्ष 2026 के दौरान थाना कोतवाली, शमशाबाद और सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई कुल 08 बड़ी चोरी की वारदातों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 4 शातिर नकबजनों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के कीमती जेवरात, नकदी और एक टाटा इंडिगो कार समेत कुल 21 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। 'विदिशा भारती' पर पढ़िए इस बड़े पुलिस ऑपरेशन की अंदरूनी और विस्तृत कहानी।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में रची गई रणनीति

जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इस विशेष टीम को थाना कोतवाली क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों के सिलसिले को तोड़ने और फरार आरोपियों को शिकंजे में लेने के कड़े निर्देश दिए गए थे। थाना प्रभारी कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए जमीनी स्तर पर काम शुरू किया और देखते ही देखते अपराधियों के गिरेबान तक पहुंच गई।

350 से अधिक सीसीटीवी कैमरे बने पुलिस की तीसरी आंख

इस पूरे मामले का खुलासा करना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन तकनीकी और आधुनिक पुलिसिंग ने चमत्कार कर दिखाया। पुलिस टीम ने घटनास्थलों और शहर के विभिन्न एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर लगे 350 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का घंटों बैठकर बारीकी से परीक्षण किया। साइबर सेल की तकनीकी मदद और मजबूत मुखबिर तंत्र के इनपुट को मिलाकर जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो एक शातिर अंतरराज्यीय/अंतरजिला नकबजन गिरोह का चेहरा बेनकाब हो गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

किन-किन मामलों का हुआ खुलासा?

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने थाना कोतवाली के वर्ष 2024, 2025 और 2026 में दर्ज 5 चोरी के प्रकरण, थाना शमशाबाद के वर्ष 2025 के 2 चोरी के प्रकरण और थाना सिविल लाइन के वर्ष 2026 के 1 मामले सहित कुल 8 वारदातों को अंजाम दिया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जगदीश उर्फ जैकी आदिवासी (पिता अमर सिंह आदिवासी, उम्र 35 वर्ष, निवासी एकता कॉलोनी सूखी सेवनिया, भोपाल), अकरम उर्फ अतीस खान (सुवुर अहमद, उम्र 45 वर्ष, निवासी कुरेशी बस्ती नया बसेरा, भोपाल), सूरज (पिता अमर आदिवासी, उम्र 36 वर्ष, निवासी रायपुरा स्कूल के पास नई बस्ती, विदिशा) और रामभरोसे (रमेश कुशवाह, उम्र 23 वर्ष, निवासी मुगलसराय, विदिशा) के रूप में की गई है।

इनमें मुख्य आरोपी जगदीश उर्फ जैकी का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद खौफनाक है, जिसके खिलाफ अकेले भोपाल जिले में 30 और विदिशा जिले में 8 कुल 38 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वहीं अकरम उर्फ अतीस खान के खिलाफ भी भोपाल के विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं।

बरामदगी और जब्त मशरूके का विवरण

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में माल बरामद किया है। फरियादी वैभव जैन, अशोक सुमन, मनेन्द्र सिंह संधू, राजकुमार गौर, रवि सोनी और संजय दांगी के घरों व दुकानों से चुराया गया सोना (जैसे 24 ग्राम, 21 ग्राम, मंगलसूत्र, पेंडेंट, झुमके, अंगूठी, चूड़ियां) और चांदी (पायल, करधनी, सिक्के, कड़े) के साथ-साथ एक टाटा इंडिगो कार जप्त की गई है। कुल बरामदगी की कीमत करीब 21 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा शमशाबाद के मामलों में करीब 6 लाख रुपये का माल सिरोंज में गिरवी रखना स्वीकार किया गया है, जिसकी बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

इस सराहनीय टीम की मेहनत लाई रंग

इस बड़े खुलासे को अमलीजामा पहनाने में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक आनंद राज, फिंगर प्रिंट शाखा प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र साहू, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक गौरव रघुवंशी, उपनिरीक्षक रीतेश नागर, सहायक उपनिरीक्षक मलखान सिंह, राममनोहर इमने, मुकेश ठाकुर, प्रधान आरक्षक विजय गुप्ता, सिकंदर बेग, रोहित रैकवार, आरक्षक भूपेन्द्र कुर्मी, राघवेन्द्र सिकरवार, शिशुपाल दांगी, विजय सावरकर, रामवीर कुशवाह, ब्रजेश जैन (प्रभारी जनसम्पर्क) और रूपेश की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। विदिशा पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।


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