वसीम कुरेशी रायसेन जिले के सांची कस्बे में युवाओं ने नशे के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से देशव्यापी अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम 10 करोड़ नशा मुक्त भारत अभियान है। सांची के विद्यालयों में इस अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर नशामुक्ति का संकल्प लिया। समाज को व्यसनमुक्त बनाने की यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है।
सांची के सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में यह आयोजन हुए। इन शिक्षण संस्थानों के परिसरों में विद्यार्थियों ने शपथ ली। उन्होंने समाज को व्यसनमुक्त बनाने की प्रतिज्ञा की। नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सांची के विद्यार्थियों ने समाज को जागरूक किया।
सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में गूंजा संकल्प
सेंट जेवियर्स हाई स्कूल सांची में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यालय के प्राचार्य जोसेफ इरिकेट ने मंच से संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करता है। छात्र नशे से दूर रहते हैं। विद्यार्थियों ने स्वयं नशामुक्ति का रास्ता चुना। उन्होंने अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करने का संकल्प दोहराया। विद्यालय का पूरा परिसर सामाजिक जागरूकता के नारों से गूंज उठा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का पूरा मार्गदर्शन किया।
संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल में पंद्रह सौ विद्यार्थियों की भागीदारी
संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल सांची में इस अभियान का पैमाना बड़ा था। विद्यालय के प्राचार्य अनिल दीक्षित ने बताया कि संस्थान के लगभग पंद्रह सौ विद्यार्थियों ने इस आयोजन में भाग लिया। पचास से अधिक शिक्षक और स्टाफ सदस्य भी इस मुहिम का हिस्सा बने। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इन नाटकों के माध्यम से तंबाकू, गुटखा, शराब, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और मोबाइल की लत के दुष्परिणाम दिखाए गए।
आप इन माध्यमों से समझ सकते हैं कि आज की युवा पीढ़ी गंभीर दौर से गुजर रही है। मोबाइल की लत भी अब नशे जितनी घातक हो चुकी है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से छात्रों की मानसिक सेहत प्रभावित हो रही है। इस पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांची में बालिकाओं की सक्रियता
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांची में पांच सौ से अधिक छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिक्षिकाओं ने भी बालिकाओं का पूरा साथ दिया। विद्यालय में नशामुक्ति पर आधारित एक विशेष नाटक का मंचन हुआ। प्रेरक संदेशों के जरिए छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बालिकाओं ने यह साबित किया कि समाज सुधार में नारी शक्ति सबसे आगे है। छात्राओं ने अपने घर-परिवार में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का वादा किया।
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांची का आयोजन
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांची में भी जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। विद्यालय के प्राचार्य अनिल पुरोहित ने अपने उद्बोधन में केंद्र सरकार के इस बड़े लक्ष्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दस करोड़ नशा मुक्त भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य जन-जन तक यह संदेश पहुंचाना है। नशे की लत से पूर्ण रूप से मुक्ति कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसकी जानकारी हर नागरिक को होनी चाहिए।
विद्यार्थियों ने प्राचार्य के साथ मिलकर शपथ ली कि वे किसी व्यसन के नजदीक नहीं जाएंगे। स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाएंगे।
विशेषज्ञों और अतिथियों के विचार
कार्यक्रम में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर और उत्कर्ष जिला नशा मुक्ति केंद्र रायसेन के डायरेक्टर वेद प्रकाश शर्मा ने मुख्य बातें रखीं। उन्होंने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों पर बात की। श्री शर्मा ने बताया कि तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, शराब, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और मोबाइल की लत युवाओं को खोखला कर रही है। आत्मिक शक्ति, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर आप इस दलदल से बाहर आ सकते हैं। व्यक्ति स्वयं नशे से मुक्त होकर समाज को नई दिशा दे सकता है।
उत्कर्ष जिला नशा मुक्ति केंद्र की परियोजना समन्वयक सुश्री केसर जहां ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का सहयोग इस अभियान को नई गति दे रहा है। विद्यालय, महाविद्यालय और समाज के सभी वर्ग इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। नुक्कड़ नाटक और शपथ समारोह लोगों की मानसिकता बदल रहे हैं। क्षेत्र के हर नागरिक को इस अभियान से जुड़ना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस वृहद आयोजन में कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। परियोजना समन्वयक सुश्री केसर जहां के साथ फील्ड वर्कर गोपाल शाक्य, काउंसलर रेखा शाक्य, नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. सी.एस. दांगी और एडवोकेट राजमल जैन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से रायसेन सेवा केंद्र प्रभारी शकुंतला दीदी, रीको बहन, बीके लोचन भाई, नीलू बहन, बीके हेमा और रामदास भाई ने विशेष रूप से शिरकत की। इन सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया।
शपथ ग्रहण और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने सामूहिक शपथ ली। सभी ने यह प्रण लिया कि वे नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना सक्रिय सहयोग देंगे। अपने आसपास के लोगों को नशे के नुकसान के बारे में बताएंगे। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांची के प्राचार्य अनिल पुरोहित ने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और उत्कर्ष जिला नशा मुक्ति केंद्र की पूरी टीम को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के सफल संचालन ने सांची क्षेत्र में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।
विदिशा भारती के माध्यम से यह अपील करते हैं कि अपने क्षेत्र को नशामुक्त बनाएं। यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है, तो उसे सही मार्गदर्शन दें। स्वस्थ समाज ही राष्ट्र की सच्ची ताकत है। युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाना हर नागरिक का कर्तव्य है।
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