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विदिशा में शादी का झांसा देकर नाबालिग का अपहरण: ग्वालियर से दस्तयाब हुई पीड़िता

16-06-2026  Vidisha Raghvendra dangi  137 views
विदिशा में शादी का झांसा देकर नाबालिग का अपहरण: ग्वालियर से दस्तयाब हुई पीड़िता

आकाश धाकड़ विदिशा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में खाकी की तत्परता ने एक मासूम की जिंदगी को दरिंदों के चंगुल से बचा लिया है। शादी का झूठा सपना दिखाकर एक 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना विदिशा जिले के थाना पठारी क्षेत्र की है। बीते 19 मई 2026 को क्षेत्र की एक 15 वर्षीय नाबालिग अचानक गायब हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर थाना पठारी पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और जांच की दिशा तय की।

अनुसंधान के दौरान पुलिस के सामने जो तथ्य आए, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। पता चला कि आरोपी अरविंद, जो कि ग्राम कैथी (जिला ग्वालियर) का रहने वाला है, उसने नाबालिग को 'शादी' के जाल में फंसाया और उसका अपहरण कर लिया। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत काम को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल धारा 87, 65(1), 64(2)(एम) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं का इजाफा किया।

पुलिस का ‘ऑपरेशन रेस्क्यू’

पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के सख्त निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे व एसडीओपी सुश्री रोशनी सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (टेक्निकल सर्विलांस) और मुखबिरों के जाल को सक्रिय किया।

लगातार तलाश के बाद, थाना पठारी पुलिस की टीम ने डबरा, जिला ग्वालियर से अपहृत नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। पीड़िता को दस्तयाब करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।

आरोपी पहुंचा सलाखों के पीछे

नाबालिग के साथ दुष्कर्म और अपहरण के आरोपी अरविंद पिता प्राण सिंह परिहार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक ऋतुराज सिंह, प्रधान आरक्षक उत्तम वर्मा और आरक्षक वीरेंद्र कुमार की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उनकी तत्परता के कारण ही आरोपी को इतनी जल्दी गिरफ्तार किया जा सका।

विदिशा पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति पुलिस पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समाज में डर का माहौल खत्म हो और कानून का इकबाल बुलंद रहे।


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