विदिषा भारती विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में इन दिनों परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा घमासान मचा हुआ है। आम जनता से लेकर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की सांसें अटकी हुई हैं कि कहीं अचानक बसों के पहिए थम गए तो क्या होगा? इसी बीच, आज परिवहन मंत्री और मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर एसोसिएशन के बीच हुई बहुप्रतीक्षित बैठक के बाद कुछ राहत भरी खबरें सामने आई हैं, हालांकि असमंजस के बादल पूरी तरह छंटने में अभी वक्त है। आइए 'विदिषा भारती' के इस विशेष लेख में विस्तार से जानते हैं कि आज की इस हाई-लेवल बैठक में क्या कुछ खास निकलकर सामने आया है।
परिवहन मंत्री और बस ऑपरेटरों की बैठक के मुख्य निर्णय
आज की इस मैराथन बैठक में परिवहन मंत्री और बस ऑपरेटर एसोसिएशन के नुमाइंदों के बीच कई संवेदनशील और जटिल मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। सरकार और ऑपरेटरों के बीच हुए इस संवाद के बाद निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:
मार्गों के राष्ट्रीयकरण और 15 साल पुरानी बसों का भविष्य: मध्य प्रदेश में मार्गों के राष्ट्रीयकरण (Route Nationalization) और 15 वर्ष पुरानी बसों के संचालन को लेकर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ था। बैठक में यह तय किया गया है कि इस गंभीर विषय पर अब जल्दबाजी में कोई एकतरफा फैसला नहीं थोपा जाएगा। इसके समाधान के लिए एक संयुक्त कोर कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें बस ऑपरेटरों की तरफ से 4 अधिकृत प्रतिनिधि और शासन की ओर से 4 वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह आठ सदस्यीय टीम सभी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करेगी और उसके बाद ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।
नई बसों के पंजीयन का रास्ता होगा साफ: जो लोग या ऑपरेटर अपने बेड़े में नई बसें शामिल करना चाहते थे, उनके लिए पंजीयन की प्रक्रिया एक बड़ी बाधा बन गई थी। इस समस्या का संज्ञान लेते हुए शासन ने निर्णय लिया है कि नई बसों के पंजीयन के संबंध में वर्तमान मोटर व्हीकल एक्ट में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन बहुत जल्द जारी किया जाएगा, जिससे नई बसों को सड़क पर उतारने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
किराया वृद्धि को लेकर बड़ी राहत, 2-3 दिन में आएंगे आदेश: डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और मेंटेनेंस के खर्च से त्रस्त बस ऑपरेटरों की सबसे बड़ी मांग किराया बढ़ाने को लेकर थी। सरकार ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया है कि किराया बढ़ाने के संबंध में आगामी 2 या 3 दिनों के भीतर आधिकारिक आदेश जारी कर दिए जाएंगे। इसे ऑपरेटरों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
हड़ताल का निर्णय अभी भी यथावत, शासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
एक तरफ जहां बैठक में कई सकारात्मक समझौते हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने अपने तेवर पूरी तरह नरम नहीं किए हैं। एसोसिएशन का स्पष्ट रुख है कि हड़ताल का निर्णय अभी यथावत बना हुआ है।
ऑपरेटरों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासनों पर निर्भर नहीं रहेंगे। शासन द्वारा आगे की जाने वाली वास्तविक और जमीनी कार्रवाई को देखने के बाद ही एसोसिएशन अपनी हड़ताल को पूरी तरह रद्द करने या जारी रखने का अंतिम निर्णय लेगी।
यात्रियों की धड़कनें तेज, आगे क्या होगा?
फिलहाल गेंद पूरी तरह से शासन के पाले में है। यदि सरकार अगले कुछ दिनों में किराया वृद्धि और अन्य संशोधनों के आदेश धरातल पर उतार देती है, तो मध्य प्रदेश में प्रस्तावित बस हड़ताल टल सकती है और यात्रियों को सुगम यात्रा का लाभ मिल सकता है। 'विदिषा भारती' इस खबर से जुड़ा हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाती रहेगी। जुड़े रहिए हमारे साथ!
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