Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / बिजनेस / विदिशा में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: जमीन के बदले रिश्वत मांगना पटवारी को पड़ा भारी

विदिशा में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: जमीन के बदले रिश्वत मांगना पटवारी को पड़ा भारी

09-07-2026  Vidisha Raghvendra dangi  369 views
विदिशा में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: जमीन के बदले रिश्वत मांगना पटवारी को पड़ा भारी

आकाश धाकड़ विदिशा: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी जंग का असर अब विदिशा जिले में भी दिखने लगा है। लोकायुक्त भोपाल की टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ एक पटवारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। इस कार्रवाई ने जिले के राजस्व महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

क्या था पूरा मामला?

भ्रष्टाचार के इस खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में एक शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे अपनी पारिवारिक जमीन का बंटवारा करवाना था और साथ ही नामांतरण एवं फौती संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी करानी थी। इस सरकारी काम को अंजाम तक पहुँचाने के लिए नटेरन तहसील के पटवारी संदीप यादव ने रिश्वत की मांग की।

पटवारी संदीप यादव ने शिकायतकर्ता से काम के एवज में 30,000 रुपये की मोटी रकम मांगी थी। प्रमेन्द्र धाकड़ भ्रष्टाचार के खिलाफ अडिग रहे और उन्होंने इसकी शिकायत सीधे लोकायुक्त भोपाल में कर दी।

लोकायुक्त ने बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी योजना बनाई। सबसे पहले शिकायत का गोपनीय सत्यापन किया गया, जिसमें पटवारी संदीप यादव द्वारा रिश्वत मांगने की बात पूरी तरह सही पाई गई। जैसे ही सत्यापन पुख्ता हुआ, लोकायुक्त की टीम हरकत में आ गई।

आज दिनांक 09.07.2026 को लोकायुक्त भोपाल की टीम ने नटेरन स्थित पटवारी के निजी कार्यालय (जो तहसील के पीछे स्थित है) पर दबिश दी। जैसे ही पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र धाकड़ से 30,000 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के हाथों में नोटों की गड्डी देखते ही वह सकपका गया।

कानून का शिकंजा

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) की धारा 7 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। मौके पर मौजूद टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर ली है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले ने किया, जबकि दल प्रभारी की जिम्मेदारी निरीक्षक कविन्द्र सिंह चौहान ने संभाली। कार्रवाई में लोकायुक्त के जांबाज अधिकारियों और आरक्षकों की पूरी टीम शामिल रही, जिन्होंने इस भ्रष्टाचार के खेल को नाकाम कर दिया।

राजस्व विभाग के लिए चेतावनी

विदिशा जिले के राजस्व विभाग में पटवारी की इस गिरफ्तारी के बाद से अन्य भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी काम के नाम पर अवैध वसूली करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आम जनता के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है कि अब उनके छोटे से छोटे काम के लिए कोई अधिकारी रिश्वत मांगने की हिम्मत नहीं करेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि यदि आप भी किसी भ्रष्ट अधिकारी के शिकार हैं, तो चुप न रहें, सीधे लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाएं।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy