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दिवाली पर फुटपाथ दुकानदारों को बड़ी राहत

05-10-2026  Vidisha Bharti Desk  22 views
दिवाली पर फुटपाथ दुकानदारों को बड़ी राहत

नई दिल्ली। नवरात्रि, दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान सड़क किनारे दुकान लगाने वाले स्थानीय वेंडर्स, हॉकर और कुम्हारों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देशों की जानकारी सामने आई है। बताए जा रहे निर्देशों के अनुसार, त्योहारों के दौरान इन छोटे कारोबारियों को बिना उचित कारण हटाने से बचने और उनके आजीविका के अधिकार को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया है।

बताई गई जानकारी के मुताबिक, यदि किसी स्थान पर सुरक्षा या यातायात संबंधी कारणों से दुकानदारों और वेंडर्स को हटाना जरूरी हो, तो उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। साथ ही सामान जब्त करने या उनसे वसूली करने जैसी कार्रवाई को लेकर भी निर्देश बताए जा रहे हैं।

हालांकि, NHRC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध वर्तमान प्रेस रिलीज सूची में इस विशेष आदेश का मूल दस्तावेज फिलहाल स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं दिख रहा है, इसलिए इसके प्रत्येक प्रावधान की स्वतंत्र पुष्टि मूल आदेश मिलने के बाद ही की जा सकती है।

त्योहारों के मौसम में छोटे दुकानदारों पर रहती है कार्रवाई की चिंता

नवरात्रि, दिवाली और छठ के दौरान बाजारों में अस्थायी दुकानें और फुटपाथ पर कारोबार करने वाले छोटे विक्रेता बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं। इनमें स्थानीय वेंडर्स, हॉकर, मिट्टी के दीये और अन्य सामग्री बेचने वाले कुम्हार तथा छोटे कारोबारी शामिल होते हैं।

त्योहारी सीजन इन कारोबारियों के लिए साल की महत्वपूर्ण कमाई का समय होता है। ऐसे में अचानक दुकान हटाए जाने या सामान जब्त किए जाने से उनकी आजीविका प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

इसी संदर्भ में बताए गए NHRC निर्देशों में मानवाधिकार और आजीविका के पहलू को ध्यान में रखने की बात सामने आई है।

सुरक्षा कारणों से हटाना पड़े तो वैकल्पिक व्यवस्था

बताई गई जानकारी के अनुसार, यदि किसी स्थान पर यातायात, सुरक्षा या अन्य आवश्यक प्रशासनिक कारणों से अस्थायी दुकानों को हटाना जरूरी हो, तो सीधे कार्रवाई करने के बजाय संबंधित विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।

इसका उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छोटे कारोबारियों की आजीविका भी पूरी तरह प्रभावित न हो।

हालांकि, वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की वास्तविक प्रक्रिया, स्थानीय प्रशासन की भूमिका और इसके लिए निर्धारित शर्तों की पुष्टि मूल NHRC आदेश के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सामान जब्ती और वसूली पर भी सवाल

सामने आई जानकारी में त्योहारों के दौरान स्थानीय वेंडर्स के सामान की जब्ती और उनसे वसूली को लेकर भी निर्देश बताए जा रहे हैं।

फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते समय प्रशासन को नियमों के साथ-साथ मानवीय पहलू पर भी ध्यान देने की बात कही जा रही है।

यह पहल विशेष रूप से उन छोटे कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिनकी रोजी-रोटी सीधे उनकी छोटी दुकान, ठेले या अस्थायी कारोबार पर निर्भर रहती है।

राज्यों के मुख्य सचिवों से रिपोर्ट मांगे जाने की बात

आपकी दी गई जानकारी के अनुसार, सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से 18 अक्टूबर तक रिपोर्ट मांगे जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में त्योहारों के दौरान स्थानीय वेंडर्स, हॉकर और कुम्हारों के संबंध में की गई कार्रवाई तथा उन्हें उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की जानकारी शामिल होने की बात कही गई है।

हालांकि, इस समय उपलब्ध NHRC की आधिकारिक ऑनलाइन प्रेस रिलीज सूची में इस विशेष निर्देश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। NHRC की वेबसाइट पर सितंबर-अक्टूबर 2026 की कई ताजा गतिविधियां और प्रेस रिलीज उपलब्ध हैं, इसलिए मूल आदेश/नोटिस जारी होने पर इसके प्रावधानों की आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी।

छोटे दुकानदारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला?

दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, पूजा सामग्री और अन्य मौसमी वस्तुएं बेचने वाले छोटे कारोबारी अस्थायी बाजारों और फुटपाथों पर निर्भर रहते हैं।

ऐसे में प्रशासन के सामने एक तरफ यातायात, सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी होती है, तो दूसरी तरफ इन छोटे कारोबारियों की आजीविका का सवाल भी जुड़ा रहता है।

यदि NHRC के बताए गए निर्देशों की मूल प्रति में ये प्रावधान स्पष्ट रूप से शामिल हैं, तो आगामी त्योहारी सीजन में स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई के दौरान वेंडर्स के अधिकार और वैकल्पिक व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकते हैं।

विदिशा भारती की पड़ताल में फिलहाल इस विशेष आदेश की मूल आधिकारिक प्रति उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसलिए 18 अक्टूबर की रिपोर्ट और सामान जब्ती पर रोक सहित सभी दावों को NHRC के मूल दस्तावेज से सत्यापित करना जरूरी होगा।


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