रामपुर (उत्तर प्रदेश): शादी के बंधन को सात जन्मों का साथ माना जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने विश्वास की नींव ही हिला दी है। यहाँ एक दूल्हे के अरमान उस वक्त 'खाक' हो गए जब उसे पता चला कि जिसे वह अपनी जीवनसंगिनी मानकर घर लाया था, वह न तो 'रिया गुप्ता' है और न ही हरिद्वार की रहने वाली। शादी के महज तीन दिन बाद ही दुल्हन की असलियत सामने आई, तो दूल्हे और उसके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
क्या है पूरा मामला?
मामला रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। पीड़ित युवक पुनीत ने बड़ी धूमधाम से 11 जून को शादी रचाई थी। शादी के लिए उसे 'रिया गुप्ता' नाम की लड़की से मिलाया गया, जिसका पता हरिद्वार बताया गया था। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन हनीमून पीरियड खत्म होने से पहले ही कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आ गया।
पुनीत के अनुसार, शादी के तीसरे दिन दुल्हन ने अचानक तबीयत खराब होने का नाटक किया और अस्पताल जाने की जिद की। पुनीत अपनी पत्नी को लेकर डॉक्टर के पास गया। वहां डॉक्टर के केबिन के बाहर पुनीत को दो मिनट के लिए बाहर खड़ा कर दिया गया। जब पुनीत उसे लेकर घर लौटा, तो दुल्हन का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और वह नखरे दिखाने लगी।
आधार कार्ड ने खोला काला सच
पुनीत को उस वक्त गहरा धक्का लगा जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी ने ही पुलिस को घर पर बुला लिया है। पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर गहनता से जांच की और लड़की का आधार कार्ड खंगाला, तो सच्चाई सामने आई। लड़की का असली नाम 'रिया गुप्ता' नहीं, बल्कि 'यास्मीन' था और वह हरिद्वार की नहीं, बल्कि बरेली के आंवला की रहने वाली थी।
पूछताछ में पता चला कि उसने अपना आधार कार्ड तक नकली बनवाया था। असली आधार कार्ड उसके मोबाइल में मौजूद था। यास्मीन ने स्वीकार किया कि वह यह काम अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए कर रही थी।
बिचौलियों ने फंसाया जाल में
पीड़ित पुनीत ने बताया कि यह शादी कल्लू और राम सिंह नामक व्यक्तियों ने तय कराई थी। इन बिचौलियों ने शादी कराने के नाम पर पुनीत से एक लाख रुपये की मोटी रकम भी ऐंठी थी। शादी के बाद यास्मीन का इरादा घर से कीमती जेवर और नकदी लेकर फरार होने का था, लेकिन समय रहते वह पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
पुलिस का क्या कहना है?
रामपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सिंह ने बताया कि युवक की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि आरोपी महिला पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू युवक को अपना निशाना बनाया था। पुलिस ने आरोपी महिला यास्मीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों (बिचौलियों) की तलाश जारी है।
यह मामला न केवल एक दूल्हे के साथ हुई ठगी है, बल्कि यह एक बड़े गिरोह की ओर भी इशारा करता है, जो शादियों के नाम पर मासूमों को ठगने का काम कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस इस गैंग के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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