स्थानीय संपादक वसीम कुरेशी रायसेन/सांची: विश्व धरोहर नगरी सांची अब अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त होने जा रही है। नगर परिषद की हालिया सर्वे रिपोर्ट ने सांची के विकास की राह में रोड़ा बने 'अतिक्रमण के साम्राज्य' की पोल खोल दी है। शहर के सभी 12 वार्डों में फैले अवैध कब्जों को लेकर नगर परिषद अब एक्शन मोड में आ गई है। नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन को हड़पने वाले भू-माफिया और अवैध निर्माण करने वालों पर अब कोई रहम नहीं बरता जाएगा।
सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा: 400 मकान अवैध
नगर परिषद द्वारा वार्ड क्रमांक 1 से लेकर 12 तक चलाए गए विशेष सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नगर में लगभग 400 ऐसे भवन और मकान हैं, जो पूरी तरह से सरकारी भूमि पर बिना किसी अनुमति और दस्तावेजों के खड़े कर दिए गए हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि सांची का पूरा पठार क्षेत्र अतिक्रमण की जद में आ चुका है। दशकों से चल रहे इस सरकारी भूमि के खरीद-फरोख्त के अवैध खेल ने नगर के सुनियोजित विकास को अवरुद्ध कर रखा है।
अध्यक्ष की दो टूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
समीक्षा बैठक के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम का अंदाज काफी सख्त नजर आया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “सांची की जनता ने विकास के लिए जनादेश दिया है, न कि अवैध कब्जे देखने के लिए। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि न केवल अतिक्रमण हटाया जाएगा, बल्कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने में भी संकोच नहीं किया जाएगा। बैठक में जल निकासी, स्वच्छता और लंबित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ हल करने के निर्देश दिए गए।
10 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगी कार्रवाई
नगर परिषद अब अपनी कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी पूरी कर चुकी है। सीएमओ रामलाल कुशवाहा ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व विभाग और पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम गठित की गई है।
अतिक्रमणकारियों के लिए सख्त संदेश:
नोटिस का दौर: नगर परिषद सभी 400 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर रही है।
स्वेच्छा से हटें: अतिक्रमणकारियों को 7 से 10 दिनों का समय दिया गया है। इस अवधि में यदि अवैध निर्माण खुद नहीं हटाए गए, तो नगर परिषद का अतिक्रमण दस्ता, पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में 'ऑपरेशन क्लीन' चलाकर इन्हें जमींदोज कर दिया जाएगा।
एफआईआर की तैयारी: नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी जमीन हड़पने के जुर्म में दोषियों पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
मुक्त जमीन पर होगा विकास
अतिक्रमण मुक्त होने के बाद जो सरकारी जमीन खाली कराई जाएगी, उसे शहर के विकास कार्यों के लिए आरक्षित किया जाएगा। इसमें सार्वजनिक सुविधाएं, पार्क और अन्य विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी ताकि सांची की सुंदरता और व्यवस्था बनी रहे।
सांची नगर परिषद का यह सख्त रुख अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मचाने के लिए काफी है। अब देखना यह होगा कि क्या 10 दिनों के भीतर सांची की सरकारी जमीन इन अवैध कब्जों से मुक्त हो पाती है या नहीं।
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