वसीम कुरैशी रायसेन/सांची। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच सांची में भी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ” और “ज्ञानेश कुमार को हटाओ” जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आपत्तियां उठाई गईं। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुचिता सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं और सांसदों को रोका गया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी 6 से 8 अक्टूबर के दौरान INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों में मुख्य रूप से SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग सामने आई है। दिल्ली में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
ये रहीं कांग्रेस की प्रमुख मांगें
सांची में आयोजित धरने के दौरान कांग्रेस की ओर से कई मांगें रखी गईं। इनमें मुख्य रूप से—
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाने की मांग।
- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकने की मांग।
- मतदाता सूचियों से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम दोबारा जोड़ने की मांग।
- चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने की मांग।
- मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटने की स्थिति में पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। वहीं, निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर निर्वाचन आयोग और सरकार की ओर से अलग पक्ष भी सामने आया है।
अतिरिक्त तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अतिरिक्त तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित मांगों को शासन और निर्वाचन तंत्र तक पहुंचाने की बात कही गई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित महतो, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शकील पटेल, गोतम यादव, राजेंद्र सिंह राजपूत, प्रेमनारायण सेन, अमृत बाबू नरवरे, बब्लू पठान, सलामतपुर के नीरज जैन, भूरा शर्मा, मुशर्रफ कुरैशी, युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पवन बनाफल, डालचंद साहू, जीतेन्द्र चौधरी, इंद्रेश राठौर, वसीम कुरैशी, पार्षद प्रतिनिधि रवि अहिरवार, तेजसिंह कुशवाह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच रखने का आह्वान किया।
देशभर में जारी है विरोध प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर कांग्रेस तथा विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी है। 8 अक्टूबर को कांग्रेस ने राज्यों, जिलों और ब्लॉक स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
सांची का प्रदर्शन भी इसी व्यापक राजनीतिक अभियान की स्थानीय कड़ी के रूप में सामने आया, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और ज्ञापन सौंपा।
नोट: ज्ञानेश कुमार और SIR से संबंधित अनियमितताओं के आरोप कांग्रेस एवं विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे हैं। इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि राजनीतिक दल के आरोप/दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग और सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।
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