Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / राजनीति / रबी की बोवनी से पहले DAP की कमी से परेशान किसान

रबी की बोवनी से पहले DAP की कमी से परेशान किसान

08-10-2026  Vidisha Bharti Desk  8 views
रबी की बोवनी से पहले DAP की कमी से परेशान किसान

मध्यप्रदेश। खरीफ सीजन की फसल कटाई के साथ ही मध्यप्रदेश के किसान अब रबी सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की तैयारी, बीज की व्यवस्था और बोवनी की तैयारी के बीच किसानों के सामने डीएपी खाद की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। कई क्षेत्रों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में DAP नहीं मिल पाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

किसानों का कहना है कि रबी की फसल की बोवनी का समय तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन खाद की उपलब्धता को लेकर उन्हें समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही है, जिनका समय पर टोकन नहीं बन पाया।

समितियों में पहुंची कम मात्रा, जल्द खत्म हुआ स्टॉक

किसानों के मुताबिक, पिछले दिनों कृषि उपज सहकारी समितियों में DAP की कुछ मात्रा पहुंची थी। खाद आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में किसान समितियों पर पहुंच गए।

बताया जा रहा है कि उपलब्ध DAP की मात्रा किसानों की मांग के मुकाबले काफी कम थी। कई जगहों पर खाद का वितरण शुरू होने के कुछ ही समय में उपलब्ध स्टॉक समाप्त हो गया। इससे बड़ी संख्या में किसान खाद मिलने से वंचित रह गए।

किसानों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी किसानों के टोकन भी नहीं बन सके। ऐसे में अब उन्हें अगली खेप आने का इंतजार करना पड़ रहा है।

बोवनी का समय निकलने का डर

रबी सीजन में गेहूं, चना, मसूर और अन्य फसलों की बोवनी के लिए किसान खेत तैयार कर रहे हैं। किसानों के लिए समय पर खाद और बीज उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है।

किसानों का कहना है कि यदि DAP समय पर नहीं मिला तो बोवनी का कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। खाद के लिए बार-बार समितियों के चक्कर लगाने से किसानों का समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।

आखिर DAP की कमी का समाधान क्या?

DAP की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी का तत्काल समाधान आपूर्ति बढ़ाने और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करने में देखा जा रहा है। किसानों की मांग है कि समितियों पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी पारदर्शी तरीके से दी जाए और खाद की नई खेप आने पर पहले से वंचित किसानों को प्राथमिकता के आधार पर वितरण की व्यवस्था की जाए।

इसके साथ ही प्रशासन और सहकारिता विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खाद की उपलब्ध मात्रा के अनुसार किसानों को व्यवस्थित टोकन दिए जाएं, ताकि समितियों पर अनावश्यक भीड़ और विवाद की स्थिति न बने।

सिर्फ DAP पर निर्भर रहने के बजाय कृषि विभाग से सलाह जरूरी

कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार किसानों को अपनी फसल, मिट्टी की स्थिति और उपलब्ध पोषक तत्वों के आधार पर उर्वरक का इस्तेमाल करना चाहिए। DAP की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में किसान कृषि विभाग अथवा कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही वैकल्पिक उर्वरक या पोषक तत्वों का उपयोग करें।

बिना सलाह के किसी दूसरे उर्वरक को DAP का सीधा विकल्प मानकर इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा, क्योंकि अलग-अलग उर्वरकों में पोषक तत्वों की मात्रा अलग होती है।

किसानों को राहत के लिए क्या कदम जरूरी?

किसानों की मौजूदा परेशानी को देखते हुए प्रशासन के सामने कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं—

- समितियों में DAP की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना।

- उपलब्ध स्टॉक की जानकारी किसानों तक समय पर पहुंचाना।

- टोकन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना।

- जिन किसानों को पहली खेप में खाद नहीं मिली, उन्हें अगली खेप में प्राथमिकता देना।

- DAP उपलब्ध नहीं होने पर कृषि विशेषज्ञों के माध्यम से उचित वैकल्पिक पोषण व्यवस्था की जानकारी देना।

- खाद वितरण की निगरानी करना, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो।

किसानों को उम्मीद—समय पर पहुंचे खाद की अगली खेप

रबी सीजन की बोवनी का समय नजदीक होने के कारण किसान अब सरकार और प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खाद की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें बोवनी के महत्वपूर्ण समय में समितियों के चक्कर न लगाने पड़ें।

फिलहाल किसानों की नजर DAP की अगली खेप और उसके वितरण की व्यवस्था पर टिकी है। यदि समय रहते आपूर्ति बढ़ाई जाती है और वितरण प्रक्रिया व्यवस्थित होती है, तो किसानों की मौजूदा परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy