विदिशा भारती डेस्क
पठारी। शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विदिशा जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ने शासकीय प्राथमिक शाला सैदपुर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक महेंद्रराम गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक पर बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित रहने, समय पर स्कूल नहीं पहुंचने, निर्धारित समय से पहले विद्यालय छोड़ने और शासन के निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करने जैसी अनियमितताओं के आरोप हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय विदिशा द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुरवाई की 19 अक्टूबर 2026 की नस्ती के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आदेश में शिक्षक के कृत्य को शासकीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता और वरिष्ठ कार्यालयों के निर्देशों की अवहेलना से संबंधित माना गया है।
समय पर स्कूल नहीं पहुंचने और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने की शिकायतें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षक महेंद्रराम गौड़ की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं। आरोप है कि वे कई बार बिना पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे। इसके अलावा, विद्यालय पहुंचने में देरी करने और निर्धारित समय से पहले स्कूल छोड़ने की शिकायतें भी की गई थीं। शासन के निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए संचालित शिक्षक ऐप पर भी नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने की बात सामने आई।
विद्यालय में शिक्षक की उपस्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, इस संबंध में अभिभावकों के साथ कई बार बहस की स्थिति भी बनी। ग्रामीणों ने शिक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले को लेकर शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित हुआ।
बीआरसी की जांच में मिली अनियमितताएं
शिकायतों के बाद विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी), कुरवाई द्वारा मामले की जांच कराई गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान शिक्षक की कार्यप्रणाली में अनियमितताएं पाई गईं। इसके अतिरिक्त, 9 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में पहुंचे अधिकारियों के निरीक्षण में भी शिक्षक से संबंधित कई कमियां सामने आने की जानकारी दी गई है।
इन शिकायतों, जांच और निरीक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि में ग्यारसपुर रहेगा मुख्यालय
जारी आदेश में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय ग्यारसपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही, नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, ऑनलाइन हाजिरी और शासकीय निर्देशों के पालन से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए शिक्षक की समय पर उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में विभागीय जांच और शिकायतों के आधार पर की गई कार्रवाई से अन्य विद्यालयों में भी उपस्थिति संबंधी नियमों के पालन पर ध्यान बढ़ने की उम्मीद है।
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