विदिशा/गंजबासौदा: शहर के चंद्रप्रभु नगर में एक सूने मकान को निशाना बनाकर पुलिस की नींद उड़ाने वाले दो शातिर चोर अब सलाखों के पीछे हैं। गंजबासौदा शहर पुलिस ने न केवल चोरी की गुत्थी सुलझाई, बल्कि आरोपियों के पास से ₹4.50 लाख के सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
भाई की शादी में गया था परिवार, पीछे से हो गया ‘कांड’
घटना 26 अप्रैल 2026 की है। चंद्रप्रभु नगर, नानाजी वाली गली में रहने वाले दिनेश उर्फ रिक्की जैन अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए पूरे परिवार के साथ सिरोंज गए हुए थे। घर पर ताला लटका देख चोरों की नियत डोल गई। देर रात करीब 12:30 बजे के आसपास, जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब इन चोरों ने घर का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया।
अगली सुबह जब पड़ोसियों ने घर के ताले टूटे देखे, तो उनके होश उड़ गए। सूचना मिलने पर जब दिनेश जैन वापस लौटे, तो घर का नजारा बदला हुआ था। अलमारी और दीवान का सामान बिखरा पड़ा था। तिजोरी में रखे करीब 25 ग्राम सोने के जेवरात, चांदी के आभूषण और नकदी गायब थी।
पुलिस अधीक्षक के एक्शन प्लान से दबोचे गए आरोपी
चोरी की इस बड़ी वारदात को देखते हुए विदिशा पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने तत्काल एक्शन लिया। उनके कड़े निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी शिखा भलावी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई। थाना प्रभारी संजय वेदिया के नेतृत्व में पुलिस ने 'ईगल आई' की तरह सुराग तलाशने शुरू किए।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (CCTV और सर्विलांस) और मुखबिरों के जाल का सहारा लिया। आखिरकार, पुलिस की मेहनत रंग लाई और शक की सुई वार्ड नंबर 1, फ्रीगंज के रहने वाले दो युवकों पर जा टिकी।
कौन हैं ये शातिर चोर?
पकड़े गए आरोपियों की पहचान लोकेश (22 वर्ष) और धर्मेंद्र रैकवार (25 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों फ्रीगंज बासौदा के ही निवासी हैं। जब पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर सड़ाई से पूछताछ की, तो पहले तो इन्होंने टालमटोल किया, लेकिन ठोस सबूतों के सामने इनके हौसले पस्त हो गए और इन्होंने चोरी की वारदात कबूल कर ली।
बरामदगी: ₹4.50 लाख का 'मशरूका' वापस
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर लिया है। बरामद किए गए आभूषणों में शामिल हैं:
लगभग 25 ग्राम सोने के कीमती जेवरात।
बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण।
कुल अनुमानित बाजार मूल्य: ₹4,50,000/- (साढ़े चार लाख रुपये)।
इन जांबाजों ने निभाई अहम भूमिका
इस सफलता में निरीक्षक संजय वेदिया के साथ उप निरीक्षक गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सुरेश रघुवंशी, सतेन्द्र रावत और आरक्षक अभिषेक शुक्ला, अरुण छारी, अखिलेश राजावत, शिवप्रताप सिंह एवं रुपेश की विशेष मेहनत रही। पुलिस अब इन आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
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