भोपाल। राजधानी के बाग सेवनिया इलाके में दोस्ती की आड़ में गद्दारी और चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस घर में लड़कों का आना-जाना था, उसी घर की रेकी कर उन्होंने लाखों के सोने-चांदी के जेवरात साफ कर दिए। बाग सेवनिया थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही दिनों में न केवल पांच आरोपियों को दबोचा, बल्कि उनके पास से करीब 12 लाख रुपये कीमत का मशरूका भी बरामद किया है।
कबाड़ की आड़ में रेकी और फिर ‘हाथ साफ’
इस गिरोह का मास्टरमाइंड प्रदीप मण्डल बताया जा रहा है, जो पेशे से कबाड़ का काम करता है। कबाड़ बीनने के बहाने वह मोहल्ले के सूने मकानों की रेकी करता था। इस मामले में खास बात यह रही कि चोरी के लिए आरोपियों ने फरियादी के बेटे की दोस्ती का फायदा उठाया। जब घर के बड़े बाहर होते थे, तब ये लड़के घर में घुसकर रेकी करते और मौका पाकर कीमती सामान पर हाथ साफ कर देते थे।
क्या है पूरा मामला?
अमराई परिसर निवासी रितेश मालवीय, जो एम्स भोपाल में कार्यरत हैं, ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर से पुश्तैनी जेवरात गायब हैं। रितेश की पत्नी बबीता ने जब 29 अप्रैल को एक कार्यक्रम में जाने के लिए अलमारी खोली, तो उनके होश उड़ गए। अलमारी से सोने का हार, ब्रेसलेट, झुमके, मंगलसूत्र, पांचाली, कंगन, टीका और चांदी की पायल समेत भारी मात्रा में जेवर गायब थे।
रितेश को अपने बेटे वंश के दोस्तों—प्रदीप मण्डल, निशांत विश्वकर्मा, रवि और तनिष पर शक था, क्योंकि इनका घर में अक्सर आना-जाना रहता था। पुलिस ने धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
50 CCTV कैमरों और मुखबिरों ने खोला राज
थाना प्रभारी बाग सेवनिया के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों पर काम किया। पुलिस ने इलाके के लगभग 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के बाद संदिग्ध प्रदीप मण्डल और उसके साथियों को हिरासत में लिया गया। पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
ज्वेलर्स भी चढ़ा पुलिस के हत्थे
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चोरी के कुछ जेवर श्री बालाजी ज्वेलर्स के संचालक शरद सोनी को बेचे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ज्वेलर्स के पास से चोरी का माल बरामद किया और उसे भी आरोपी बनाया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
प्रदीप मण्डल (26): कबाड़ का काम करने वाला मुख्य आरोपी।
तनिश घारू (19): खजूरी कला निवासी।
निशांत विश्वकर्मा (20): गिरोह का सक्रिय सदस्य।
रवि राजपूत (20): चोरी में शामिल साथी।
शरद सोनी (45): चोरी का माल खरीदने वाला ज्वेलर्स।
पुलिस टीम की बड़ी सफलता
इस अंधे कत्ल जैसी चोरी की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक अमित सोनी, वीरमणि पाण्डेय, सर्वेश भदौरिया, महेश सोनी, और तकनीकी सहायक भूपेन्द्र उईके समेत पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही। भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के बदमाशों में हड़कंप मच गया है।
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