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किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली मिलेगी

28-09-2026  Editor Shubham Jain  33 views
किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली मिलेगी

शहडोल। किसानों की सिंचाई और कृषि से जुड़ी जरूरतों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का प्रयास है कि किसानों की आय बढ़े, खेती अधिक लाभकारी बने और हर खेत तक पानी पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री रविवार को शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस बार प्रदेश सरकार किसानों का धान भी समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। उन्होंने कहा कि किसान किसी प्रकार की चिंता न करें। सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के साथ किसानों की आय के नए स्रोत विकसित करने पर भी काम कर रही है।

सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से काम कर रही है। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे और हर खेत तक पानी उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त सिंचाई सुविधा किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की बात कही गई है, ताकि खेती-किसानी से जुड़े कामों में सुविधा मिल सके।

कोदो-कुटकी की खरीद का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सरकार ने पहली बार शहडोल क्षेत्र के किसानों से श्री अन्न कोदो और कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की है। उन्होंने किसानों को कृषि की पारंपरिक और स्थानीय फसलों के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे और आधुनिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का जोर कृषि के साथ ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी है, जिनसे किसान परिवारों की आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार हो सकें।

पशुपालन और मछली पालन से बढ़ेगी आय

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को केवल फसल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय पशुपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मछली पालन से भी जोड़ा जा रहा है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

कृषि के साथ इन गतिविधियों को जोड़ने से किसानों के लिए आय के विविध विकल्प विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, खेती के नए तौर-तरीकों और विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित साहित्य भी वितरित किया गया।

हल्दी उत्पादन को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र की कृषि क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां हल्दी का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। क्षेत्र की हल्दी को जियोटैग मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने मसाला फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि हल्दी की प्रोसेसिंग और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर उपयोग करने और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं।

जैविक और प्राकृतिक खेती पर जोर

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया। उन्होंने शहडोल क्षेत्र के राजाबाग अमरूद, मूंगा, कोदो और कुटकी जैसे उत्पादों का उल्लेख करते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर भी बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद दुर्लभ वनस्पतियों के संग्रहण, प्रसंस्करण और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को अधिक से अधिक अपनाने का आह्वान किया।

किसान ऋण को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक किसानों को बिना ब्याज के ऋण की राशि साल में दो बार जमा करने की सुविधा दी जा रही थी। सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए इसे साल में एक बार करने का निर्णय लिया है। अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार वर्ष में कभी भी ऋण की राशि जमा कर सकेंगे।

सरकार के इस निर्णय को किसानों के लिए ऋण भुगतान की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया।

जनजातीय क्षेत्रों में विकसित होंगे होम-स्टे

मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल गांवों में होम-स्टे विकसित किए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से अनुदान की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई।

होम-स्टे के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार और ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आमदनी के अवसर मिलने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग के माध्यम से होम-स्टे के संचालन को बढ़ावा देने की योजना भी बताई गई।

कृषि के साथ विविध आय स्रोतों पर फोकस

बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य किसानों को खेती के साथ पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और अन्य गतिविधियों से जोड़कर आय के विविध स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी तथा कृषि विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में एपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह, ब्यौहारी विधायक शरद कोल, जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, जिला पंचायत सीईओ शिवम् प्रजापति, जयपाल सिंह चावड़ा, विंध्य विकास प्राधिकरण अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के संबोधन में सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कोदो-कुटकी को बढ़ावा, जैविक खेती, पशुपालन, उद्यानिकी और ग्रामीण पर्यटन जैसे कई मुद्दे प्रमुख रहे। सरकार की ओर से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए इन क्षेत्रों में योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही गई।


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