Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / अपराध / झाड़ियों में रो रही थी मासूम, एसपी रोहित काशवानी ने देवदूत बनकर बचाई जान

झाड़ियों में रो रही थी मासूम, एसपी रोहित काशवानी ने देवदूत बनकर बचाई जान

07-08-2026  Vidisha Raghvendra dangi  66 views
झाड़ियों में रो रही थी मासूम, एसपी रोहित काशवानी ने देवदूत बनकर बचाई जान

विदिशा शहर में गुरुवार की दोपहर एक ऐसी घटना घटी जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया। रामद्वारा क्षेत्र में डीएफओ बंगले के सामने झाड़ियों में एक महीने की दुधमुंही बच्ची को उसकी मां कथित रूप से लावारिस छोड़ गई। मासूम बेसुध होकर रो रही थी और आस-पास की भीड़ उसे सिर्फ देख रही थी। इसी बीच, मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को अपनी गोद में उठाया और अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया।

क्या है पूरा मामला?

घटना दोपहर करीब तीन बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला बच्ची को गोद में लिए वहां आई थी। महिला कुछ देर तक वहां रुकी और बच्ची को दूध पिलाया। इसके बाद, वह एक पुरुष के साथ वहां से गायब हो गई। स्थानीय लोगों को पहले लगा कि महिला किसी काम से गई है और जल्द लौट आएगी, लेकिन जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटी, तो लोगों की चिंता बढ़ गई। बच्ची के लगातार रोने की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए।

एसपी बने देवदूत

इसी दौरान, संयोग से पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी वहां से गुजर रहे थे। जब उन्होंने लोगों की भीड़ देखी और रोती हुई बच्ची पर नजर पड़ी, तो वे तुरंत रुक गए। उन्होंने बिना समय गंवाए बच्ची को अपने वाहन में बैठाया और अस्पताल के लिए रवाना हो गए। एसपी का यह मानवीय चेहरा देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। अस्पताल पहुँचते ही बच्ची को एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया गया। फिलहाल, बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है।

पुलिस कर रही है सघन जांच

घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर वह महिला कौन थी और उसने अपनी एक महीने की मासूम बच्ची को इस तरह लावारिस क्यों छोड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात महिला और उसके साथ आए पुरुष की तलाश तेज कर दी है।

अधिकारी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रहे हैं। घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

क्यों है यह चिंता का विषय?

एक नवजात बच्ची को इस तरह झाड़ियों में छोड़ देना मानवीय संवेदनाओं के पतन को दर्शाता है। विदिशा जैसे जागरूक शहर में ऐसी घटना का सामने आना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने भी बच्ची की सुरक्षा के लिए जो सतर्कता दिखाई, वह काबिल-ए-तारीफ है। लोग पुलिस के आने तक बच्ची को संभालने में जुटे रहे।

अस्पताल में बच्ची की हालत

जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची का स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर है। उसे चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। बच्ची के साथ जो कुछ हुआ, उसे भुलाकर अब डॉक्टर उसे नया जीवन देने की कोशिश में जुटे हैं।

विदिशा भारती अपने पाठकों से अपील करती है कि यदि आप अपने आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि देखते हैं, तो पुलिस को सूचित करने में संकोच न करें। कानून और मानवता का साथ देना हर नागरिक का पहला धर्म है।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy