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इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

18-09-2026  Vijay Sharma  9 views
इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

इंदौर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा चलाए जा रहे OPERATION MATRIX के तहत साइबर अपराधों पर एक और बड़ा प्रहार किया गया है। साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी बालेश्वर राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले में आरोपी ललित उर्फ रिषि सुतार को पकड़ा गया था।


​नेहरू पार्क रोड से पकड़ा गया था पहला आरोपी ललित
​क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद नेहरू पार्क रोड (बीएसएनएल ऑफिस के पास) घेराबंदी करके नीमच निवासी ललित उर्फ रिषि सुतार (23 वर्ष) को मोटरसाइकिल (MP44ZF9207) के साथ हिरासत में लिया गया।
​ललित के पास मौजूद बैग की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया:


​21 बैंक पासबुक
​08 एटीएम कार्ड
​20 चेकबुक
​07 क्यूआर कोड
​01 एचपी (HP) कंपनी का लैपटॉप


​पूछताछ के दौरान आरोपी इन बैंकिंग दस्तावेजों के संबंध में कोई भी वैध या संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका।
​NCRP पोर्टल पर दर्ज मिलीं देशभर की शिकायतें
​क्राइम ब्रांच ने जप्त की गई पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक के खाता नंबरों की जांच NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर की। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इन सभी बैंक खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में हुए साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी में किया जा रहा था।


​शुरुआती जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग:
​निवेश (Investment) के नाम पर होने वाली ठगी
​फर्जी APK फाइल भेजकर की जाने वाली साइबर धोखाधड़ी
​अन्य वित्तीय ऑनलाइन फ्रॉड के पैसों के लेनदेन में किया जा रहा था।
​250 से अधिक बैंक खातों का नेटवर्क चलाने वाला मुख्य आरोपी बालेश्वर गिरफ्तार
​मामले की आगे की जांच और साक्ष्यों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार बालेश्वर राठौर (30 वर्ष) को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया। बालेश्वर मूल रूप से मंदसौर (ग्राम अफजलपुर) का निवासी है और वर्तमान में विजय नगर, इंदौर में रह रहा था।


​जांच में हुआ बड़ा खुलासा:
​मुख्य आरोपी बालेश्वर राठौर ने 250 से अधिक बैंक खातों की जानकारी गिरोह के अन्य आरोपियों के साथ साझा की थी।
​इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की आशंका है।
​पुलिस अब इन 250 से अधिक खातों के मूल खाताधारकों, डिजिटल साक्ष्यों और संदिग्ध लेनदेन की गहनता से पड़ताल कर रही है।
​अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस


​इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जप्त लैपटॉप, क्यूआर कोड, पासबुक और डिजिटल डेटा का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अंतर्राज्यीय गिरोह के तार और किन-किन राज्यों व साइबर अपराधियों से जुड़े हैं।


​क्राइम ब्रांच इंदौर ने स्पष्ट किया है कि OPERATION MATRIX के तहत साइबर अपराध और फर्जी बैंक खातों का नेटवर्क चलाने वाले गिरोहों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
 


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