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मुनि पुंगव सुधासागर जी के सान्निध्य में गूंजेगा नारी शक्ति का शंखनाद

03-10-2026  शैलेंद्र चौधरी  254 views
मुनि पुंगव सुधासागर जी के सान्निध्य में गूंजेगा नारी शक्ति का शंखनाद

विदिशा भारती डेस्क | पठारी

मध्य प्रदेश की धर्मधरा से नारी जागरण और जिनशासन प्रभावना की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी पठारी से जैन समाज की मातृशक्ति का एक विशाल जत्था मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर के लिए पूरी ऊर्जा, भक्ति और उल्लास के साथ रवाना हो गया। अखिल भारतीय श्रमण संस्कृति महिला महासमिति एवं दिगम्बर जैन महिला महासमिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले भव्य दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सहभागिता के लिए आदीश्वर महिला मंडल की 32 सदस्याएं विशेष बस से प्रस्थान कर चुकी हैं।ImgResizer_IMG-20261003-WA0039 
यह राष्ट्रीय आयोजन इसलिए भी ऐतिहासिक और अलौकिक माना जा रहा है क्योंकि यह संपूर्ण अधिवेशन जिनधर्मप्रभावक, तीर्थचक्रवर्ती, निर्यापक श्रमणराज मुनिपुंगव सुधासागर जी यतिराज के पावन सान्निध्य में आयोजित हो रहा है। मुनिराज के अमृतमय प्रवचनों और मंगल आशीष को अपने जीवन में उतारने के लिए पूरे देश से हजारों महिलाएं इस महाकुंभ में एकत्रित हो रही हैं।

जैन समाज के प्रबुद्ध जनों, वरिष्ठ नागरिकों और परिजनों ने सभी महिलाओं को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। बस स्टैंड पर विदाई का यह दृश्य केवल एक धार्मिक यात्रा की शुरुआत नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के संगठित होते स्वरूप और नेतृत्व क्षमता का खुला प्रमाण था। परिजनों ने माताओं, बहनों और बेटियों को धर्म ध्वजा फहराने के लिए रवाना किया।

राष्ट्रीय पटल पर गूंजेगी पठारी की आवाज: क्या है अधिवेशन की रूपरेखा?

इंदौर में आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय महाधिवेशन कई मायनों में अभूतपूर्व है। इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक परिवेश में जैन संस्कृति के संस्कारों का संरक्षण, परिवार निर्माण में नारी की भूमिका, युवा पीढ़ी को व्यसनों से दूर रखना और साधु सेवा के प्रकल्पों को गति देना है। मुनिपुंगव सुधासागर जी यतिराज का सान्निध्य इस आयोजन को नई वैचारिक दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।ImgResizer_IMG-20261003-WA0026 
 श्रमण संस्कृति का संरक्षण: कैसे घर-परिवार से लेकर समाज तक जिनवाणी के सिद्धांतों को व्यावहारिक जीवन में उतारा जाए ।महिला सशक्तिकरण व नेतृत्व: सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर धार्मिक व सामाजिक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना।

संस्कार संवर्धन: बच्चों को बाल्यकाल से ही देव-शास्त्र-गुरु के प्रति अटूट आस्थावान बनाने के गुर। पठारी से गया यह प्रतिनिधिमंडल वहां आयोजित होने वाली विचार गोष्ठियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगठनात्मक बैठकों में सक्रिय भाग लेगा।

आदीश्वर महिला मंडल पठारी के इस 32 सदस्यीय दल में समाज के हर आयु वर्ग की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया है। दल में शालिनी जैन, सुरक्षा जैन, अमृता जैन, आशारानी जैन, रजनी चौधरी, जया जैन, खुशी जैन, निधि जैन, पिंकी जैन, पूजा जैन, प्रीति जैन, मंजू जैन, माया जैन, मीना जैन, रुचि जैन, रीमा जैन, रीना जैन, शशि जैन, शिल्पा जैन, शैली जैन, सुलोचना जैन, सरिता जैन, सरिता जैन, सुषमा जैन, सुषमा जैन, नेहा जैन, सोनम जैन, खुशी जैन एवं संध्या जैन सहित अन्य सदस्याएं शामिल रही। दल की सदस्याओं ने रवाना होने से पूर्व साझा किया कि मुनिपुंगव के श्रीचरणों में बैठकर समाज उत्थान के संकल्प लेना उनके जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण होगा।

समाज के गणमान्य जनों ने जताया गौरव, पठारी जैन समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि जब नारी शक्ति संगठित होकर धर्म और संस्कृति के पथ पर आगे बढ़ती है, तो समाज की नींव अपने आप सुदृढ़ हो जाती है। आदीश्वर महिला मंडल का यह कदम नगर के लिए गर्व का विषय है। समाज के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इंदौर में होने वाले इस ऐतिहासिक अधिवेशन से लौटने के बाद यह दल पठारी क्षेत्र में धार्मिक पाठशालाओं के संचालन, सामाजिक सौहार्द और जीव दया के कार्यों में एक नई क्रांति लाएगा।


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