अनूपपुर। जिले में 24 EVM मशीनों के गायब होने की खबर सामने आने के बाद मामला अब राजनीतिक रूप से भी गरमाता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के पूर्व विधायक सुनील सराफ ने इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए SIT गठित करने की मांग की है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर EVM के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग रखी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र
पूर्व विधायक सुनील सराफ ने अपने पत्र में EVM मशीनों के सुरक्षित रखरखाव और उनके रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण चुनावी सामग्री के संबंध में पूरी प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मामले की जांच केवल FIR तक सीमित न रखते हुए पूरे रिकॉर्ड और मशीनों की स्थिति की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
सराफ ने आरोप लगाया कि अनूपपुर कलेक्टर द्वारा FIR दर्ज कराए जाने से मामले की पूरी जिम्मेदारी तय नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि 24 EVM मशीनें आखिर कहां गईं और उनके रिकॉर्ड में यह स्थिति कैसे बनी।
2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा की मशीनों पर भी उठाए सवाल
पूर्व विधायक ने पत्र में 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM मशीनों को लेकर भी आशंका व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में इस्तेमाल की गई मशीनों के रिकॉर्ड की भी जांच होनी चाहिए।
सराफ ने मांग की कि जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बुलाकर उपलब्ध EVM मशीनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। उनके मुताबिक इससे रिकॉर्ड में दर्ज मशीनों और वास्तविक रूप से मौजूद मशीनों की संख्या का मिलान किया जा सकेगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 2023 और 2024 की EVM मशीनों को लेकर सराफ द्वारा व्यक्त की गई आशंका फिलहाल उनका दावा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि या किसी मशीन के साथ छेड़छाड़ का तथ्य इस रिपोर्ट में स्थापित नहीं है।
CCTV और स्टॉक रजिस्टर की जांच की मांग
सुनील सराफ ने EVM से संबंधित स्टॉक रजिस्टर, आवाजाही के रिकॉर्ड और स्ट्रांग रूम से जुड़े CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि CCTV फुटेज और दस्तावेजों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि मशीनों की आवाजाही कब और किस स्तर पर हुई।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि EVM मशीनों को निर्धारित समय पर सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं रखवाया गया और उनकी निगरानी व्यवस्था में कहीं चूक हुई या नहीं।
ECI के नियमों में EVM सुरक्षा की विस्तृत व्यवस्था
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार EVM को चुनाव और गैर-चुनाव अवधि में सुरक्षित EVM वेयरहाउस या स्ट्रांग रूम में रखा जाता है। आयोग के मुताबिक इन स्थानों पर 24 घंटे CCTV निगरानी, डबल लॉक व्यवस्था और सुरक्षा बलों की तैनाती जैसे प्रावधान हैं। स्ट्रांग रूम खोलने और बंद करने की प्रक्रिया भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों अथवा उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी तथा वीडियोग्राफी के तहत की जाती है।
आयोग के अनुसार EVM की स्टोरेज और आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड तथा मशीनों के सीरियल नंबरों की जानकारी भी चुनाव प्रक्रिया में संबंधित उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाती है।
दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग
पूर्व विधायक सुनील सराफ ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र SIT से कराई जाए। जांच में EVM के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, CCTV फुटेज, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और मशीनों की वर्तमान स्थिति को शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि जांच के बाद यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल मामला जांच और प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता का विषय है। 24 EVM के संबंध में वास्तविक स्थिति, उनके रिकॉर्ड और जिम्मेदारी का निर्धारण आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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