शैलेंद्र चौधरी पठारी । क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती सादगी और गरिमा के साथ मनाई गई। समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित तहसीलदार प्रेमलता पाल ने ग्रामीणों को जीवनशैली, स्वच्छता और मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी सीधी और खरी सीख दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों का भविष्य मोबाइल की स्क्रीन में कैद होकर रह गया है, जिसे तुरंत सुधारने की जरूरत है।
बापू के आदर्शों को केवल नारों तक सीमित न रखने की अपील करते हुए पाल ने स्पष्ट कहा कि सच्चा नागरिक वही है जो अपने गांव, मोहल्ले और खुद के शरीर को निरोगी और स्वच्छ रखे।
मोबाइल की लत से बच्चों को बचाएं, तय करें दिनचर्या :
पंचायत भवन परिसर में बापू के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए तहसीलदार पाल ने वर्तमान पारिवारिक चुनौतियों पर खुलकर बात की। आज हर घर में बच्चा हाथ में स्मार्टफोन लिए बैठा है। यह न सिर्फ उनकी आंखों की रोशनी छीन रहा है, बल्कि उनके सोचने-समझने और खेल-कूद की क्षमता को भी खत्म कर रहा है। बच्चों को मोबाइल से दूर रखिए। उनके जागने, पढ़ने, खेलने और सोने का समय तय कीजिए।
जब तक दिनचर्या अनुशासित नहीं होगी, तब तक स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण नामुमकिन है। उन्होंने ग्रामीणों को पारंपरिक दिनचर्या की ओर लौटने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सुबह जल्दी उठकर गुनगुना या गर्म पानी पीने की आदत पाचन तंत्र को मजबूत करती है और कई गंभीर बीमारियों से बचाती है। सेहतमंद रहकर ही व्यक्ति अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान दे सकता है। स्वच्छ भारत अभियान के मूल मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का दिखावा नहीं, बल्कि हर रोज की आदत है।
घर का कचरा सड़कों या नालियों में बिल्कुल न फेंकें। मोहल्ले में पानी का जमाव न होने दें, जिससे मच्छरजनित बीमारियों से बचा जा सके। सार्वजनिक स्थलों को अपना मानकर साफ रखें, तभी ग्राम पंचायत रामगढ़ एक आदर्श गांव बन पाएगा। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर आंगनवाड़ी की सीधी जिम्मेदारी तहसीलदार ने गांव के स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ मानी जाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाली कार्यकर्ताओं की यह नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है कि गांव की कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे हर गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन, टीकाकरण और पौष्टिक आहार सुनिश्चित कराएं। बच्चों के वजन की नियमित निगरानी हो ताकि कुपोषण को जड़ से खत्म किया जा सके। सरकार द्वारा चलाई जा रही मातृत्व और बाल कल्याण योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुंचना चाहिए।
पंचायत के विकास और जनसहयोग पर सरपंच ने दिलाया भरोसा :
समारोह के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले ने गांव के विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। सरपंच देवेंद्र सिंह डीपी ने उपस्थित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पंचायत में मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, सड़क, प्रकाश और जल निकासी के कार्यों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता बनाए रखने में पंचायत का साथ देने की अपील की।
पटवारी गुलाब सिंह चिढ़ार और सचिव अजब सिंह ठाकुर ने भी ग्रामीणों को राजस्व और पंचायत स्तर की योजनाओं की अद्यतन जानकारी दी। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि जब प्रशासनिक मशीनरी और ग्रामीण एक साथ कदम मिलाकर चलेंगे, तभी गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।
महात्मा गांधी जयंती के इस गरिमामय अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित गांव के कई गणमान्य नागरिक, पंचायत प्रतिनिधि और मातृशक्ति मौजूद रही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरपंच देवेंद्र सिंह डीपी, पटवारी गुलाब सिंह चिढ़ार, सचिव अजब सिंह ठाकुर, जीआरएस कपिल दुबे, इंजीनियर देवेंद्र सिंह ठाकुर। वरिष्ठ व गणमान्य नागरिक: भूरे सिंह राजपूत, निरंजन प्रसाद कुशवाहा, संतोष अहिरवार। महिला शक्ति व आंगनवाड़ी टीम: आरती साहू, रानो अहिरवार, कमला अहिरवार, निकिता रैकवार, दीप्ति सेन और विनीता अहिरवार। समारोह के अंत में सभी ग्रामीणों और अधिकारियों ने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और नशामुक्त रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
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