भोपाल/विदिशा:
देश के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है! मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को केंद्र सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
अनुराग जैन के नीति आयोग का कमान संभालते ही देश की आर्थिक और विकास नीतियों को नया ढांचा तो मिलेगा ही, साथ ही मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में भी एक बहुत बड़ा भूचाल और बदलाव देखने को मिलने वाला है।
केंद्र में बड़ी छलांग: क्यों खास है अनुराग जैन की यह नियुक्ति?
1989 बैच के मध्य प्रदेश काडर के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी अनुराग जैन अपनी कार्यकुशलता, कड़े फैसलों और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) में काम करने का उनका पुराना अनुभव और वित्त से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में उनका विजन बेहद सटीक रहा है।
नीति आयोग का CEO बनना केवल एक पदोन्नति नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार का उनके प्रशासनिक कौशल पर जताए गए अटूट विश्वास का प्रमाण है। अब वह सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप को जमीन पर उतारने का काम करेंगे।
खास बात: अनुराग जैन की गिनती उन गिने-चुने अधिकारियों में होती है जो राज्य और केंद्र दोनों ही जगह अपनी कार्यशैली से बड़ा असर छोड़ने में माहिर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में मची हलचल: कौन बनेगा अगला 'प्रशासनिक कप्तान'?
अनुराग जैन की दिल्ली रवानगी की खबर आते ही वल्लभ भवन (मध्य प्रदेश मंत्रालय) में सुगबुगाहट और सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य का अगला मुख्य सचिव (Chief Secretary) कौन होगा, इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार बहुत जल्द नए मुख्य सचिव के नाम पर मुहर लगा सकती है। रेस में कई सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम आगे चल रहे हैं:
वरिष्ठता और अनुभव: राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से किसी एक को यह कमान सौंपी जा सकती है।
सीएम की पसंद: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गुड बुक में शामिल और प्रशासनिक कसावट लाने में माहिर अधिकारी बाजी मार सकते हैं।
रेस में आगे नाम: मंत्रालय के गलियारों में कुछ बेहद सीनियर और अनुभवी चेहरों के नाम सबसे ऊपर तैर रहे हैं, जिन पर जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
एमपी के प्रशासनिक ढांचे पर पड़ेगा बड़ा असर
यह बदलाव केवल दो पदों की अदला-बदली भर नहीं है। मुख्य सचिव के बदलते ही राज्य के कई बड़े विभागों में प्रशासनिक फेरबदल (Senior Transfer Order) की पूरी संभावना बन रही है। नए सीएस के आते ही नई प्राथमिकतियां तय होंगी, नई प्रशासनिक टीम बनेगी और कई अहम प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलेगी।
विदिशा समेत पूरे प्रदेश के लोगों और प्रशासनिक महकमे की नजरें अब भोपाल पर टिकी हैं कि आखिर मध्य प्रदेश की नौकरशाही का नया 'बॉस' कौन बनता है!
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