विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा में नशीले पदार्थों की उपलब्धता से जुड़ी एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने जांच के आधार पर भोपाल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 230 एमएल एविल इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 26 वर्षीय आदर्श मालवीय की मौत के मामले में मर्ग जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस नशीले पदार्थों की आपूर्ति और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
सितंबर में हुई थी युवक की मौत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को विदिशा के श्रद्धानंद पथ निवासी आदर्श मालवीय, पिता गोपाल मालवीय, उम्र 26 वर्ष की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मर्ग क्रमांक 118/26 के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान परिजनों और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि मृतक नशे का सेवन करता था। विदिशा में स्मैक उपलब्ध नहीं होने के कारण वह पिछले कुछ महीनों से एविल इंजेक्शन में अल्प्राजोलम दवा मिलाकर नशा करने लगा था।
पुलिस ने मौत के कारणों और नशीले पदार्थों की उपलब्धता से जुड़े तथ्यों की जांच करते हुए मेडिकल स्टोर और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की।
भोपाल के मेडिकल स्टोर से बिना पर्चे दवाइयां मिलने की जांच
पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, मृतक भोपाल के ग्लोबल मेडिकल स्टोर और इंडियन मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदता था। जांच के दौरान 29 सितंबर, 1 अक्टूबर और 6 अक्टूबर 2026 को कराई गई खरीदारी में दोनों मेडिकल स्टोर से डॉक्टर की पर्ची के बिना दवाइयां बेचे जाने की पुष्टि होने की बात कही गई है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और औषधि निरीक्षक से प्राप्त जानकारी सहित अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। जांच के दौरान नशीले पदार्थों की उपलब्धता से जुड़े कुछ व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने संबंधित व्यक्तियों को नशीले पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता से रोकने का प्रयास किया था। इसके बावजूद नशीले पदार्थ उपलब्ध कराए जाने से जुड़े तथ्य जांच में सामने आए।
हालांकि, मेडिकल स्टोर से दवाइयों की बिक्री और युवक की मौत के बीच कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 713/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया।
29 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
1. फराज अहमद, पिता हबीब अहमद, उम्र 29 वर्ष, निवासी डी-22, मयूर विहार कॉलोनी, अशोका गार्डन, भोपाल।
2. सोहेल, पिता अब्दुल रहीम, उम्र 30 वर्ष, निवासी सोनिया गांधी कॉलोनी, थाना ऐशबाग, भोपाल।
3. साजिद, पिता अब्दुल वहीद खान, उम्र 50 वर्ष, निवासी जदा कॉलोनी, जेल रोड, जहांगीराबाद, भोपाल।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की विवेचना आगे बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
230 एमएल एविल इंजेक्शन जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 230 एमएल एविल इंजेक्शन जब्त किए हैं। पुलिस अब जब्त सामग्री के स्रोत और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
जांच का मुख्य बिंदु यह है कि मृतक तक नशीले पदार्थ कैसे पहुंच रहे थे और इस प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी। पुलिस मेडिकल स्टोर से दवाइयों की बिक्री और अन्य संबंधित तथ्यों को भी जांच के दायरे में रख रही है।
एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई विदिशा पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद राज, उपनिरीक्षक रणवीर सिंह, उपनिरीक्षक गौरव रघुवंशी, उपनिरीक्षक रितेश नागर, प्रधान आरक्षक विजय गुप्ता, प्रधान आरक्षक दिव्या क्रांति भार्गव, प्रधान आरक्षक महेंद्र, महिला प्रधान आरक्षक समा परवीन तथा आरक्षक भूपेंद्र कुर्मी, राघवेंद्र सिकरवार और अखिलेश राजावत शामिल रहे।
नशीले पदार्थों की सप्लाई पर पुलिस की नजर
विदिशा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता से किसी व्यक्ति की मौत होने के मामले में संबंधित लोगों की भूमिका की गंभीरता से जांच की जाएगी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी।
इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले के सभी पहलुओं और आरोपियों की कानूनी जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
विदिशा भारती अपडेट: विदिशा में युवक की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने भोपाल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 230 एमएल एविल इंजेक्शन जब्त किए हैं। पुलिस की विवेचना जारी है।
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